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Lord Krishna

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026 के अवसर पर जानिए चित्तौड़गढ़ के सांवलिया जी मंदिर का इतिहास, जो एक ही चट्टान को काटकर बनाया गया है और जहां सूर्य की किरणें अनोखा चमत्कार दिखाती हैं.

जन्माष्टमी पर जानिए बिहार के नवादा में स्थित ककोलत जलप्रपात के बारे में, जहां श्रीकृष्ण स्नान करते थे. 160 फीट ऊंचा यह प्राकृतिक झरना अपनी ठंडक और धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है.

भगवान श्रीकृष्ण व देवाधिदेव महादेव के बीच प्रगाढ़ प्रेम को दर्शाते देश-विदेश में कई देवालय हैं. इन मंदिरों में भक्ति के साथ शक्ति के अद्भुत मिलन के साथ ही भक्ति का बेहद सरल स्वरूप भी देखने को मिलता है. ऐसा ही ही दिव्य मंदिर उत्तर प्रदेश के श्रीकृष्ण नगरी मथुरा में है.

KRISHNA JANMASHTAMI 2026 DATE & MUHURAT: इस बार भगवान श्रीकृष्ण का 5253वाँ जन्मोत्सव मनेगा. तिथि की गणना को लेकर 4 और 5 सितंबर के बीच बने भ्रम को दूर करते हुए जानिए स्मार्त और वैष्णव संप्रदाय के अनुसार सही तारीख, निशीथ काल पूजा मुहूर्त और व्रत पारण का शास्त्रसम्मत नियम.

कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर तुलसी की मंजरी से जुड़े कुछ खास उपाय करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और आर्थिक तंगी दूर होती है. जानिए मंजरी को तिजोरी में रखने का मंत्र और इसे तोड़ने के जरूरी नियम.

कृष्णनगरी मथुरा में 16वीं सदी में इस्‍लामी आक्रांताओं ने मूल मंदिर ध्‍वस्‍त करके उसके ऊपर ही शाही ईदगाह बनवा दिया था. अतिक्रमण हटाने के लिए हिंदु अनुयायियों ने अनेक प्रयास किए. अब एक बार फिर उठने लगी 'कारसेवा' की आवाज —

Facts About Arjuna Chariot Mahabharata: महाभारत के महायोद्धा अर्जुन का रथ 'नंदीघोष' बेहद दिव्य था. अग्निदेव से मिले इस रथ में चार चमत्कारी घोड़े और हनुमान जी का ध्वज था. जानिए इसके रहस्य...

Rang Mahal Vrindavan: श्रीकृष्ण नगरी वृंदावन में वैसे तो हजारों मंदिर और अनेकों बाग-बगीचे हैं. लेकिन यहां का एक वन बहुत रहस्‍यमय माना जाता है. मान्यता है कि वहां हर रात 12-13 साल के श्रीकृष्ण, राधा और गोपियों संग रास रचाते हैं. सुबह उनकी निशानियां देखने को मिलती हैं.

5 हजार साल पहले धरती पर हुए महाभारत युद्ध के बाद श्रीकृष्ण द्वारका लौट रहे थे, उस दिन उन्‍होंने धर्मराज युधिष्ठिर को सिखाया कि हर सफलता नई जिम्मेदारियों और चुनौतियों के साथ आती है. विनम्रता और सतर्कता ही सच्ची सफलता है.

एक ओर दुनिया जहां ईरान-इजरायल-अमेरिका..पश्चिम एशिया में छिड़े सैन्य टकराव से चिंतित है, वहीं, दूसरी ओर करोड़ों सनातनी होली के हर्षोल्लास में डूबे हैं. भारतभर में हिंदू-मुस्लिम सिख और ईसाइयों के बीच जगह-जगह रंगों का उत्सव मनाया जा रहा है. ये परंपरा 5 हजार साल से ज्यादा पुरानी है, जिसका मूल श्रीराधा-कृष्ण हैं. देखें विशेष प्रस्तुति...