Bharat Express DD Free Dish

Lord Mountbatten

देश के ज्यादातर लोग गहरी नींद में हैं, लेकिन दिल्ली में एक ऐसा पल जन्म लेने वाला है, जो आने वाली पीढ़ियों की धड़कनों में हमेशा जिंदा रहेगा. ये वो रात थी, जब सदियों की गुलामी का अंधेरा टूट रहा था और एक नए भारत का सूरज उगने वाला था. जानें 14-15 अगस्त की रात की पूरी सच्चाई.

1916 में वो ब्रिटेन की रॉयल नेवी में शामिल हुए और पहले विश्व युद्ध के दौरान उनकी तैनाती समुद्र में हुई.

भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के अनुसार, ‘15 अगस्त, 1947 से भारत में दो स्वतंत्र राष्ट्र स्थापित किए जाएंगे, जिन्हें क्रमशः भारत और पाकिस्तान के नाम से जाना जाएगा.’