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Magh Mela 2026

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिगों के कथित यौन शोषण मामले में नामजद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है.

प्रयागराज में माघ मेला शंकराचार्य प्रकरण के चलते तनाव है. इस पर शांडिल्य महाराज ने कहा- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की चोटी खींचने का मामला संत समाज से जुड़ा है. योगी जी हस्तक्षेप करें. VIP कल्चर बंद हो.

प्रयागराज के माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़ा विवाद थम नहीं रहा. इस विवाद पर महंत रविंद्र पुरी का बयान आया है. उनका कहना है कि कुछ लोग सनातनियों को आपस में लड़ाना चाहते हैं. मेरी अपील है कि शंकराचार्य जी उपवास खत्म करें, शांति से स्नान करें. एकता जरूरी है.

संगम नगरी प्रयागराज में लगे भव्य माघ मेले में देश-विदेश से हजारों संत और महात्मा पहुंचे हैं। इन्हीं के बीच शिवयोगी मौनी महाराज श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पूरे शरीर पर रुद्राक्ष धारण किए मौनी बाबा को लोग प्रेम से “रुद्राक्ष वाले बाबा” कहकर पुकारते हैं। उनकी मौन साधना, शिव भक्ति और तपस्वी जीवन शैली लोगों को गहरी आस्था से जोड़ रही है। माघ मेले में मौनी महाराज के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। देखिए हमारी संवाददाता अनम फ़ातिमा की खास रिपोर्ट।

संगम की रेती पर इस बार 'गूगल गोल्डन बाबा' के चर्चे हर तरफ हैं. 5 करोड़ के सोने-चांदी के आभूषणों से लदे बाबा ने संकल्प लिया है कि जब तक योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नहीं बनते, वे नंगे पैर ही रहेंगे.

माघ मेला 2026 के द्वितीय स्नान पर्व मकर संक्रांति पर प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में आस्था का सैलाब उमड़ा है.

Prayagraj Magh Mela: पौष पूर्णिमा पर माघ मेले के पहले स्नान में 31 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई. प्रशासन की बेहतर व्यवस्था से मेला पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित रहा.

साल 2026 की पहली पूर्णिमा पौष पूर्णिमा आध्यात्मिक शुद्धि और पुण्य अर्जन का विशेष पर्व है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, विशेषकर गंगा स्नान का बड़ा महत्व माना गया है। प्रयागराज में माघ मेले का शुभारंभ भी इसी पावन तिथि से होता है, जहां लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं। पौष पूर्णिमा पर भगवान विष्णु की पूजा करने से सुख-समृद्धि, शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है। इस दिन सत्यनारायण कथा, व्रत, जप-तप और दान का विशेष फल प्राप्त होता है। तिल, अन्न, वस्त्र, कंबल और घी का दान करने से पुण्य कई गुना बढ़ता है।

Magh Mela : 3 जनवरी (पौष पूर्णिमा) से शुरू होगा और मेले का समापन 15 फरवरी (महाशिवरात्रि) को होगा. मेले में कल्पवास भी 3 जनवरी से शुरू होगा.