प्रयागराज में माघ मेला के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर स्वामी शांडिल्य ने बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं है. बल्कि पूरा संत समाज और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है. स्वामी शांडिल्य ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण तरीके से इस मुद्दे को सुलझाना चाहिए.
VIP कल्चर का कड़ा विरोध
स्वामी शांडिल्य ने मेला में VIP कल्चर की आलोचना की. उन्होंने कहा कि अगर रामदेव जी जैसे लोग आते हैं तो उन्हें विशेष स्नान मिलता है क्योंकि उनके पास पैसा है. लेकिन सभी संत समान हैं. मेला संतों के कारण ही होता है. इसलिए हर संत को VIP माना जाना चाहिए. कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए.
शंकराचार्य के बयान पर नाराजगी
स्वामी शांडिल्य ने शंकराचार्य के एक बयान पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जी ने योगी आदित्यनाथ को बाबर-अकबर का वंशज कहा. यह बात गलत है. योगी जी संत हैं और संतान के लिए बहुत काम कर रहे हैं. उनका पूरा समर्थन है.
प्रशासन और संतों की गलती
उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी पर शंकराचार्य जी को स्नान नहीं करने दिया गया. प्रशासन को समय पर कदम उठाना चाहिए था. स्वामी मुक्तेश्वर जी की भी कुछ गलती हुई. इसी कारण मामला बिगड़ गया. एक संत की हत्या को संतान पर हमला बताया.
न्याय की मांग और चेतावनी
स्वामी शांडिल्य ने कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो संत समाज काले बैंड पहनकर ब्लैक पार्टी बनाएगा. हजारों-लाखों लोग लखनऊ से दिल्ली तक मार्च करेंगे. संतान पर हमले बर्दाश्त नहीं होंगे. उन्होंने योगी बाबा पर भरोसा जताया और न्याय की अपील की.
संत समाज को एकता का संदेश
उन्होंने संतों से कहा कि यह आपकी शाश्वत भूमि है. पांच-दस शिष्यों के साथ स्नान करें. कोई रोक नहीं सकता. लेकिन केसरिया कपड़े पहनकर धर्म पर हमला गलत है. संवाद से विवाद सुलझाएं.
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