सिर्फ जीवनी नहीं, हिंदी सिनेमा का जीवंत दस्तावेज है ‘दास्तान-ए-गुरुदत्त’; हैबिटैट फिल्म फेस्टिवल में हुआ लोकार्पण
दिल्ली के इंडिया हैबिटैट सेंटर में 18वें हैबिटैट फिल्म फेस्टिवल 2026 के तहत आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मशहूर दास्तानगो और रंगकर्मी महमूद फ़ारूक़ी की किताब ‘दास्तान-ए-गुरुदत्त’ का लोकार्पण किया गया.
वसंत पाडुकोण कैसे बने सिनेमा के ‘प्यासा’ गुरु दत्त? नई किताब में दर्द, तन्हाई और गीता दत्त से रिश्तों की अनकही दास्तान
गुरु दत्त का नाम हिंदी सिनेमा में सिर्फ एक निर्देशक या अभिनेता के तौर पर नहीं, बल्कि उस कलाकार के रूप में लिया जाता है जिसने अपने समय की पीड़ा, अकेलेपन और टूटते रिश्तों को पर्दे पर बेहद खूबसूरती से उतारा है.





