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Manmohan Singh

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार द्वारा लाए गए एक अध्यादेश की सार्वजनिक तौर पर कड़ी आलोचना करते हुए उसे "बकवास" करार दिया और फाड़कर फेंक दिया. यह वाकया उस समय विवाद का विषय बन गया था.

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की स्टूडेंट लाइफ भी लोगों को याद आ रही है. उनके एक सहपाठी रहे हंसराज चौधरी ने कुछ पुरानी यादें हमसे साझा कीं. वो बताते हैं कि डॉ. सिंह की बुद्धिमत्ता और लगन अद्वितीय थी.

डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर, 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब क्षेत्र के एक गांव गाह में हुआ था, जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है. 1947 में विभाजन के कारण उनका परिवार अपने पैतृक घर और दोस्तों को पीछे छोड़कर भारत आ गया.

डॉ. मनमोहन सिंह का प्रधानमंत्री पद पर कार्यकाल भारत के लिए ऐतिहासिक रहा. उनकी नीतियों और सुधारों ने न केवल भारत को आर्थिक रूप से मजबूत किया, बल्कि उसे वैश्विक मंच पर एक नई पहचान भी दी.

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के कारण आज स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति कार्ड वितरण समारोह को स्थगित कर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम होना था. अब सभी सरकारी दफ्तरों में शोक के प्रतीक के रूप में सभी सरकारी कार्यक्रम स्थगित रहेंगे.

Manmohan Singh भारत के 1991 के आर्थिक सुधारों के निर्माता के रूप में विख्यात थे. वित्त मंत्री और बाद में प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल ने भारत के आर्थिक परिदृश्य को बदल दिया, इसकी नीतियों का आधुनिकीकरण किया और राष्ट्र को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एकीकृत किया.

भारत के 14वें प्रधानमंत्री और सबसे प्रसिद्ध अर्थशास्त्रियों में से एक डॉ. मनमोहन सिंह का गुरुवार (26 दिसंबर) रात दिल्ली एम्स में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया.

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से देश भर में शोक की लहर दौड़ गई है. अनुपम खेर ने भी एक वीडियो के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है.

2004 में यूपीए की जीत के बाद, जब सभी को लगा कि सोनिया पीएम बनेंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और डॉ. मनमोहन सिंह को देश का प्रधानमंत्री चुना गया.

वित्त मंत्री के रूप में मनमोहन सिंह ने 1991 में आर्थिक सुधारों को शुरू करने का फैसला किया, जो उदारीकरण, निजीकरण और भारत की अर्थव्यवस्था को खोलने पर केंद्रित थे.