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manufacturing sector

2018-2024 के बीच मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 1.4 करोड़ नई नौकरियां बनीं, जिनमें से 5 लाख से अधिक सिर्फ कस्टम टेलरिंग में हैं. रिपोर्ट बताती है कि यह रोजगार वृद्धि मुख्य रूप से छोटे शहरों में बढ़ती मांग के चलते हुई है.

ईएलआई योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2024-25 में प्रधानमंत्री की पांच योजनाओं के पैकेज के हिस्से के रूप में की गई थी, जिसका कुल बजट परिव्यय 2 लाख करोड़ रुपए है.

भारत के निर्माण क्षेत्र के डिजिटल रूपांतरण के साथ साइबर सुरक्षा और क्षमता की आवश्यकता बढ़ी है. साइबर हमलों से बचाव और पुनर्प्राप्ति रणनीतियों को अपनाकर इस क्षेत्र को सुरक्षित किया जा सकता है.

कुल 1,596 करोड़ रुपये में से सबसे अधिक 964 करोड़ रुपये बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए PLI योजना के तहत वितरित किए गए. इसके बाद फार्मा (604 करोड़ रुपये), फूड प्रोडक्ट (11 करोड़ रुपये), टेलिकॉम (9 करोड़ रुपये), बल्क ड्रग्स (6 करोड़ रुपये) और ड्रोन (2 करोड़ रुपये) का स्थान रहा.

भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, FY25 की तीसरी तिमाही में भारतीय कंपनियां पहले के मुकाबले बेहतर राजस्व और मुनाफा दर्ज कर सकती हैं. ग्रामीण मांग और सार्वजनिक निवेश में तेजी की उम्मीद है.

14 क्षेत्रों में PLI योजनाओं से 1.28 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ और 8.5 लाख से अधिक नौकरियां पैदा हुई. इन पहलों ने इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टील, फार्मास्यूटिकल्स और रक्षा विनिर्माण जैसे उद्योगों में महत्वपूर्ण वृद्धि को बढ़ावा दिया है.

भारत के विनिर्माण क्षेत्र में पिछले माह और अधिक सुधार देखा गया, हालांकि लागत दबाव और प्रतिस्पर्धा ने इसे प्रभावित भी किया. फिर भी, आगामी वर्ष के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण और व्यापारिक आशावाद ने इस क्षेत्र के विकास की उम्मीदों को बढ़ावा दिया है.

FDI in India Manufacturing Sector : देश के वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 10 वर्षों (2014-24) में विदेशी इक्विटी निवेश 69% बढ़कर 165.1 अरब डॉलर हो गया है.