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भारत के विनिर्माण क्षेत्र में नवंबर में और सुधार, जानें HSBC PMI रिपोर्ट में क्‍या सामने आया

भारत के विनिर्माण क्षेत्र में पिछले माह और अधिक सुधार देखा गया, हालांकि लागत दबाव और प्रतिस्पर्धा ने इसे प्रभावित भी किया. फिर भी, आगामी वर्ष के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण और व्यापारिक आशावाद ने इस क्षेत्र के विकास की उम्मीदों को बढ़ावा दिया है.

भारत विनिर्माण क्षेत्र

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Vijay Ram Edited by Vijay Ram

HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई (Purchasing Managers Index) के अनुसार, इस वर्ष नवंबर में भारत के विनिर्माण क्षेत्र में सुधार जारी रहा, हालांकि इसके कई सब-कम्‍पोनेंट्स नुकसान में रहे. पॉजिटिव डिमांड ट्रेंड्स ने बिक्री और उत्पादन में तेज विस्तार को प्रेरित किया, हालांकि कंपनियों ने यह संकेत भी दिया कि वृद्धि कुछ हद तक प्रतिस्पर्धात्मक स्थितियों और मूल्य दबावों से सीमित थी.

रिपोर्ट के अनुसार, मांग में सुधार ने बिक्री और उत्पादन में तीव्र वृद्धि को बढ़ावा दिया, लेकिन इस दौरान कीमतों में दबाव और प्रतिस्पर्धा ने वृद्धि की गति को कुछ हद तक सीमित किया. इससे संबंधित, परिणामों से यह सामने आया कि लागत दबावों में तेजी आई, जिससे पिछले 11 वर्षों में सबसे तेज़ मूल्य वृद्धि दर्ज की गई. नवंबर में HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई अक्टूबर में 57.5 से घटकर 56.5 पर आ गया, जो कि 11 महीने का सबसे निचला स्तर था. हालांकि, यह फिर भी लंबे समय से चली आ रही औसत वृद्धि से ऊपर रहा.

नई व्यापारिक मांग में कमी, फिर भी माहौल अच्छा

विनिर्माण क्षेत्र में नवंबर में नए व्यापार की मांग में कुछ मंदी आई, फिर भी यह मजबूत बनी रही. इनपुट लागत की महंगाई ने तीसरी तिमाही के मध्य में अपनी उच्चतम सीमा छू ली, लेकिन यह लंबे समय के औसत से नीचे रही.

उत्पादन बढ़ाने के लिए बढ़ी खरीददारी

विनिर्माण क्षेत्र में मांग की स्थिति अब भी सकारात्मक बनी हुई है, जिसके कारण भारतीय निर्माता उत्पादन में वृद्धि जारी रखे हुए हैं. विनिर्माण कंपनियों ने उत्पादन प्रक्रिया में उपयोग के लिए और भंडारण के लिए अतिरिक्त इनपुट खरीदने की योजना बनाई.

आगामी वर्ष के लिए सकारात्मक पूर्वानुमान

व्यापारिक आशावाद को बढ़ावा देने वाले कारकों में विपणन प्रयासों और नए उत्पादों की रिलीज़ से अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा, हालिया क्षमता विस्तार प्रयास और 2025 में मजबूत मांग की भविष्यवाणियाँ भी उत्पादन में वृद्धि के लिए आशावादी पूर्वानुमान को सहारा दे रही हैं.

  • भारत एक्‍सप्रेस


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