Bharat Express DD Free Dish

Maulana Madani

Maulana Madani on Vande Mataram: देश में चल रही 'वंदे मातरम' पर चर्चा के बीच जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी का एक बयान आया है. इसमें उन्होंने वंदे मातरम का अर्थ समझाते हुए शिर्क स्वीकार न करने की बात कही है.

मदनी ने कहा कि मैं ये साफ कर देना चाहता हूं कि भारत जैसे सेक्युलर देश में जहां जम्हूरी हुकूमत है, वहां जिहाद मौजूए बहस ही नहीं है. देश के मुसलमान संविधान की वफादारी के पाबंद हैं. यहां सरकार की जिम्मेदारी है कि वह संविधान के अनुसार नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करें. अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो इसके लिए वह खुद जिम्मेदार है.

Maulana Madani On Jihad: जिहाद को लेकर भारत में अक्सर सियासत होती रहती है. ऐसे में मौलाना मदनी ने नई चर्चा को जन्म दे दिया है. उन्होंने इसका परिभाषा बताते हुए कहा है कि जिस मंजूर नहीं वह खुलकर बोले.

मौलाना महमूद मदनी द्वारा "वंदे मातरम् इस्लाम-विरोधी" कहने पर मुस्लिम नेतृत्व ने खुलकर विरोध किया. मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, NCMEI, सूफी संगठन और कई आलिमों ने कहा कि ऐसे बयान मुसलमानों को मुख्यधारा से दूर करते हैं और समाज में दूरी बढ़ाते हैं.