विचारधारा नहीं, पहले संवाद: मेयर ममदानी के नाम एक भारतीय मुस्लिम का खुला पत्र
दो दशक से आरएसएस और मुसलमानों के बीच चल रहे संवाद की कहानी, जिसे दुनिया के लिए जानना ज़रूरी है। आरएसएस के बारे में जो कहा जाता है, उसे सुनना ज़रूरी है। लेकिन आरएसएस के साथ काम करने वाले मुसलमानों को भी सुनना उतना ही ज़रूरी है। किसी संगठन की पूरी तस्वीर केवल उसके आलोचकों से बात करके नहीं मिल सकती। उसके साथ काम करने वालों के अनुभव भी उस तस्वीर का हिस्सा होते हैं।
समाज का कैंसर है अतिक्रमण, विकास के लिए ऑपरेशन ज़रूरी- मुस्लिम राष्ट्रीय मंच
नई दिल्ली में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने अतिक्रमण को समाज और विकास के लिए कैंसर करार दिया. मंच ने कहा कि अतिक्रमण से कुछ गिने-चुने लोग लाभ उठाते हैं, जबकि पूरे समाज को नुकसान होता है.
वक्फ संशोधन विधेयक 2024-2025 से वक्फ संपत्तियों पर माफिया का कब्जा हुआ खत्म: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच
वक्फ संशोधन विधेयक 2024-2025 से वक्फ संपत्तियों पर माफिया का कब्जा खत्म हुआ, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की.
दिल्ली में तुष्टिकरण की राजनीति का अंत, सुशासन का नया युग शुरू: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) ने दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक जीत के बाद तुष्टिकरण की राजनीति का अंत और सुशासन के नए युग की शुरुआत की बात की. MRM ने दिल्ली की जनता की इस जीत को प्रधानमंत्री मोदी की नीति की सच्ची विजय बताते हुए AAP की सरकार पर भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण के आरोप लगाए.
भारत जोड़ने की पहल: भागवत के संदेश को MRM ने बताया राष्ट्रीय एकता का आधार
बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के मंदिर-मस्जिद विवाद पर दिए गए बयान की जमकर सराहना की गई. मंच ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि भारत को मंदिर-मस्जिद विवादों में उलझने के बजाय विकास और समरसता पर ध्यान देना चाहिए.
महिलाओं का उत्पीड़न होगा या बढ़ेगी इज्जत और खुद्दारी, फैसला आपका: इंद्रेश कुमार
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार ने कहा कि हिंदुस्तान दुनिया का सबसे बड़ा प्रजातांत्रिक देश है और डेमोक्रेसी में हर किसी को एक बराबर ताकत दी गई है.
समलैंगिक विवाह सामाजिक मूल्यों से परे: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच
Delhi: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का साफ तौर पर मानना है कि यह परिवार उजाड़ने और समाज में अनैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने जैसा है.





