“2047 में एक विकसित भारत बनाना है,” गृह मंत्री अमित शाह ने नई राष्ट्रीय सहकारी नीति की जारी
2002 में बनाई गई नीति की जगह नई नीति के पीछे का विचार सहकारी समितियों को पेशेवर और टिकाऊ आर्थिक संस्थाओं में बदलना है जो अगले 25 वर्षों में देश के सकल घरेलू उत्पाद में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें.





