भारत की आय में वृद्धि: प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संचालित, जनता द्वारा नेतृत्व
2013 में भारत में 2.1 करोड़ डीमैट खाते थे. 2025 तक यह संख्या 18.5 करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है. खुदरा निवेशकों की भागीदारी सिर्फ़ 1 करोड़ लोगों से बढ़कर 11 करोड़ से ज़्यादा हो गई है. एक दशक में 11 गुना उछाल है.
यूरोप के सबसे गरीब देश भी हैं भारत से कहीं ज्यादा अमीर, जानें कितनी है लोगों की इनकम
इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) और वर्ल्ड बैंक (World Bank) के अनुसार, मोल्दोवा यूरोप का सबसे गरीब देश है, लेकिन इसकी प्रति व्यक्ति जीडीपी भारत से कहीं अधिक है.





