रैडक्लिफ की एक लकीर और लाखों जिंदगियों का अंत, जानिए 17 अगस्त को ही क्यों महसूस हुआ था विभाजन का दर्द?
17 अगस्त 1947 को जब भारत और पाकिस्तान की सीमा रेखा सार्वजनिक हुई, तब आजादी की खुशी के बीच लाखों लोगों को अचानक अपनी नई हकीकत का सामना करना पड़ा.
सिर्फ फिल्म नहीं, विभाजन का असली दर्द हैं ये 5 उपन्यास; ‘झूठा सच’ से ‘तमस’ तक, जो आंखें नम कर देंगी
इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊँगा’ ने एक बार फिर 1947 के विभाजन के उस दर्द को ताजा कर दिया है, जिसे लाखों लोगों ने अपनी जिंदगी में झेला था.





