केदारनाथ में 5 महीने में 50.30 टन कचरा, पिछले तीन साल का रिकॉर्ड टूटा
Kedarnath Waste Crisis 2026: केदारनाथ में अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच 50.30 मीट्रिक टन कचरा दर्ज हुआ, जो पिछले तीन वर्षों के पूरे सीजन के आंकड़ों से अधिक है. प्रति तीर्थयात्री कचरा बढ़कर 33 ग्राम पहुंच गया है, जबकि ग्लेशियर के पास मिश्रित कचरे के निपटारे से जल स्रोतों पर चिंता बढ़ी है.
प्लास्टिक एक धीमा जहर
प्लास्टिक निर्माण के समय निकलने वाली जहरीली गैस पर्यावरण को प्रदूषित करती है. प्लास्टिक की बैग्स में स्टोर किया गया या रखा हुआ खाना बहुत जल्दी खराब होने लगता है. प्लास्टिक के तत्वों के भोजन में मिल जाने से अस्थमा, मोटापा और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. प्लास्टिक बैग्स पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ रहा है.





