Urdu Conclave 2026

political controversy India

Himanta Biswa Sarma ने Mamata Banerjee के गढ़ में तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए अपने बयान से सियासी माहौल गर्मा दिया है। इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

महिला आरक्षण कानून लागू होने के बाद देश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। बसपा प्रमुख मायावती ने इस मुद्दे पर कांग्रेस, बीजेपी और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस को ‘गिरगिट’ बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी समय-समय पर अपना रुख बदलती रही है। मायावती ने SC, ST और OBC वर्गों के अधिकारों को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि इन वर्गों को अब भी पूरा न्याय नहीं मिला है। साथ ही उन्होंने जनता से अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक दल के बहकावे में न आएं और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें।

बाबा परमहंस ने “वंदे मातरम्” के मुद्दे पर बयान देते हुए तीखी टिप्पणी की और इसके विरोध करने वालों को देशद्रोही कहा. उनका ये बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है. “वंदे मातरम्” को लेकर समय-समय पर देश में बहस होती रही है, जिसमें राष्ट्रवाद, आस्था और राजनीतिक विचारधाराओं को लेकर अलग-अलग मत सामने आते हैं। इस बयान के बाद समर्थकों और विरोधियों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं, और मामला मीडिया तथा सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से चर्चित रहा. इस पूरे मामले पर हमारे संवाददाता अभिषेक पांडेय ने परमहंस बाबा की खास बातचीत।

संसद परिसर से जुड़ा एक और मामला सामने आया। टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय को संसद भवन के बाहर सिगरेट पीते हुए देखा गया, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हंगामा मच गया। इस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आपत्ति जताई और इसे नियमों का उल्लंघन बताया।