राजीव गांधी सरकार vs मीडिया: क्यों 2 जुलाई 1986 को ठप हो गई थी देश की प्रेस?
Indian Press Blackout: 2 जुलाई 1986 को भारत में अखबारों का प्रकाशन बंद रहा. राजीव गांधी सरकार और अखबार मालिकों के बीच वेतन बोर्ड के फैसले को लेकर हुए टकराव ने प्रेस ब्लैकआउट को जन्म दिया.
World Press Freedom Day: ‘बड़ी आई पत्रकार’ ग्रामीण भारत की उन महिलाओं की कहानी जिन्होंने बदल दी पत्रकारिता की परिभाषा
आज 3 मई को विश्व पत्रकारिता दिवस (World Press Freedom Day) मनाया जा रहा है.
जस्टिस बीवी नागरत्ना ने प्रेस की आजादी को लेकर जताई चिंता, बोली- ‘असहमति का अधिकार ही न्यायिक स्वतंत्रता’
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने एक कार्यक्रम के दौरान जजों की स्वतंत्रता और उनके कर्तव्य को लेकर बेहद बेबाक टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि जजों को किसी भी तरह के दबाव, सत्ता की नाराजगी या प्रमोशन रुकने के डर से ऊपर उठकर केवल 'न्यायिक धर्म' का पालन करना चाहिए.
World Press Freedom Day: अभिव्यक्ति की आज़ादी का सम्मान करने का मौका, क्या AI से और प्रभावित होगी पत्रकारिता?
World Press Freedom Day: हर साल 3 मई को मनाया जाने वाला विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पत्रकारों की सुरक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका को उजागर करता है. 2025 की थीम है: “AI और पत्रकारिता का संबंध”
सरकार से क्या सवाल पूछा जाए?
एक स्वस्थ लोकतंत्र में मीडिया की अहम भूमिका होती है। समय-समय पर पत्रकार सत्तारूढ़ दल और सरकार से राष्ट्रहित के सवाल पूछते रहते हैं।





