आपातकाल के 50 साल; सत्ता, संघर्ष और लोकतंत्र की अनकही दास्तान बयां करती प्रियंवद की नई किताब
आपातकाल के 50 साल बाद प्रियंवद की किताब ‘भारतीय लोकतंत्र का कोरस’ भारतीय लोकतंत्र की उस यात्रा को सामने रखती है, जिसमें आजादी के बाद के शुरुआती उत्साह से लेकर सत्ता के बढ़ते केंद्रीकरण तक की कहानी दर्ज है.





