पर्यावरणविद रवि के. पटवा ने जल दोहन पर जताई चिंता, बोले- दरभंगा-मिथिला का पानी खुद रहा है, ये विनाश को निमंत्रण है
रवि के पटवा ने बताया कि जल संरक्षण के लिए पारंपरिक स्रोत जैसे तालाब, कुएं, पोखर आदि का पुनर्जीवन आवश्यक है. वर्षा जल संचयन को प्राथमिकता देनी होगी और जल उपयोग में संयम बरतना होगा.





