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भारत में किफायती आवास सेगमेंट की मौजूदा कमी और आगामी मांग 2030 तक 30.7 मिलियन यूनिट होने का अनुमान है. शहरीकरण और रोजगार के अवसरों जैसे कारकों के कारण, देश के शहरी केंद्रों में 22.2 मिलियन यूनिट आवास की आवश्यकता होगी.

भारत का हाउसिंग प्रॉपर्टी बाजार 2024 में अपने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन की ओर बढ़ रहा है. मजबूत आर्थिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार ने शहरीकरण को तेज किया है, जिससे इस सेक्टर में स्थिर मांग बनी हुई है.

CII-CBRE की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से सितंबर के बीच इक्विटी पूंजी प्रवाह 8.9 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो साल-दर-साल 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है.

नियम लागू होने के बाद संशोधन के बाद करदाता अपने हिसाब से बेहतर विकल्प का चुनाव कर सकेंगे. यानी कि जिस व्यवस्था के तहत उन्हें टैक्स कम पड़ेगा वो उसे चुन सकते हैं.

देश के दो मेट्रो शहरों दिल्ली और मुंबई में प्रॉपर्टी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने दुनिया के कई बड़े शहरों को पीछे छोड़ दिया है.

नई दिल्ली : कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु स्थित रियल एस्टेट कंपनी सोभा पर आयकर विभाग ने आज सुबह 10:30 बजे छापा मारा है. खबर लिखे जाने तक ये छापा जारी है . कंपनी के देशभर के दफ्तरों के अलावा कंपनी के टॉप मैनेजमेंट के निज निवास स्थानों पर भी आयकर विभाग छापे डाल रही है. …