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नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि किशोरों को वयस्क जेलों में रखना उन्हें उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता से वंचित करने के समान है और कोई आरोपी किशोर है या नहीं, ये तय करने में ज्यादा तकनीकी दृष्टिकोण नहीं अपनाना चाहिए. न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने एक दोषी …