1984 सिख विरोधी दंगे के दौरान सरस्वती विहार के मामले में कोर्ट 7 फरवरी को सुनायेगा फैसला
पीड़ितों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एचएस फुल्का ने 1984 के दिल्ली कैंट मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले का हवाला दिया था. जिसमें कोर्ट ने दंगों को मानवता के खिलाफ अपराध बताया था.





