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sawan month 2025

14 जुलाई 2025 को सावन का पहला सोमवार श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रहा. दिल्ली के ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर में सुबह से ही भारी संख्या में शिवभक्तों का तांता लगा रहा. शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र से अभिषेक किया गया. मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और मंत्रोच्चार के बीच भक्तों ने भोलेनाथ से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की. मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतज़ाम किए। पूरे परिसर में शिवभक्ति की अनूठी छटा देखने को मिली.

भगवान शिव को उनके भक्त अनेक नामों से पुकारते हैं—महादेव, नीलकंठ, त्रिलोचन, शंकर और सबसे प्रिय नाम "भोलेनाथ". भोलेनाथ इसलिए, क्योंकि वे अपने भक्तों की साधारण भक्ति और श्रद्धा से ही प्रसन्न हो जाते हैं. उनकी पूजा के लिए अत्यधिक जटिल विधि-विधान की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि सच्चे मन से किया गया एक छोटा-सा प्रयास भी उन्हें प्रिय होता है.

पूर्व सपा सांसद एस.टी. हसन ने कहा, "कांवड़ यात्रा एक धार्मिक तीर्थ यात्रा है, यह सच है। लेकिन जब यात्रा के दौरान डीजे जोर-जोर से बजते हैं, तो आसपास के घरों की खिड़कियां तक कांपने लगती हैं। दिल के मरीज अपने कान बंद कर लेते हैं, और जब कोई गाड़ी पास से गुजरती है तो तेज आवाज से वह भी हिलने लगती है... मेरा मानना है कि कांवड़ यात्रा को लेकर लगातार बढ़ रही समस्याओं और ध्यान को देखते हुए सरकार को कांवड़ियों के लिए एक अलग सड़क बनवानी चाहिए..."