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Shocking

ऑस्ट्रेलिया की 74 साल की महिला एड्रियाना टर्क ने जिस परिवार को दशकों से मरा मान लिया था, वह DNA टेस्ट के बाद जिंदा निकला. एक साधारण रिपोर्ट ने उन्हें 50 से ज्यादा रिश्तेदारों से मिला दिया और उनकी पूरी जिंदगी की कहानी बदल गई.

दुनिया में आज भी कुछ ऐसी जनजातियां हैं, जिनकी परंपराएं आम सोच से बिल्कुल अलग हैं. पापुआ न्यू गिनी की फोर जनजाति भी उन्हीं में से एक थी, जहां अपने ही लोगों की मौत के बाद शव को दफनाने के बजाय खा लिया जाता था.

एक ब्रिटिश छात्र को “साइलेंट किलर” बीमारी की वजह से एक गंभीर सर्जरी करनी पड़ी.

बरेली– कभी-कभी माता पिता ऐसी गलती कर देते हैं कि फिर जिंदगीभर पछताने के अलावा कोई चारा नहीं बचता.ये दिल दहला देने वाली घटना उत्तर प्रदेश के बरेली की है जो आपको अंदर से झकझोर कर रख देगी. यह केवल एक घटना ही नहीं बल्कि एक बहुत बड़ा सबक है उन परिवारों के लिए जो …