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Shocking: 25 मिनट के लिए हुई शख्स की मौत! इस कारण पहुंचा था अस्पताल चिकित्सकों को मिली एक और बीमारी

एक ब्रिटिश छात्र को “साइलेंट किलर” बीमारी की वजह से एक गंभीर सर्जरी करनी पड़ी.

Death

सांकेतिक फोटो-सोशल मीडिया

Shocking: चिकित्सा क्षेत्र की दुनिया में कई बार ऐसे मौके आते हैं जब चिकित्सक खुद ही हैरान रह जाते हैं और उनको एक नया अनुभव मिलता है. इसी तरह का एक मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक ब्रिटिश छात्र को “साइलेंट किलर” बीमारी की वजह से एक गंभीर सर्जरी करनी पड़ी. इस दौरान उसे 25 मिनट के लिए मरना पड़ा. इसके बारे में उसको कभी मालूम ही नहीं था लेकिन उसे एक चमत्का ने बचा लिया.

इसको लेकर वायरल खबर में दावा किया गया है कि 20 साल के चार्ली विंसेंट को अमेरिका की यात्रा के दौरान सनबर्न के कारण जलन के साथ अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां उपचार के दौरान दूसरी समस्या दिखी और उसका ऑपरेशन करते समय हालत और बिगड़ गई और चार्ली 25 मिनट के “मृत” ही पड़ा रहा जिसके बाद उसे एक चमत्कार ने बचा लिया.

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चिकित्सकों ने बताई ये बात

डॉक्टरों ने बताया कि चार्ली को जन्म से ही खतरनाक हृदय संबंधी समस्या थी, जिसे कार्डियोमेगाली के रूप में जाना जाता है लेकिन निमोनिया के कारण यह भड़क सकता है और बढ़ सकता है. चिकित्सकों ने ये भी बताया कि चार्ली ने लगभग घातक सर्जरी के बाद एक सप्ताह तक कोमा में बिताया लेकिन जब उसके अंगों में सुधार के संकेत दिखने लगे तो डॉक्टर हैरान रह गए. चार्ली अब अपने पैरों पर वापस आ गया है और फिर से चलने लगा है. ये एक आश्चर्य कर देने वाली घटना थी.

इलाज के दौरान डॉक्टरों को मिली ये बीमारी

लीसेस्टर में डी मोंटफोर्ट विश्वविद्यालय में तीसरे वर्ष के फिल्म छात्र को सनबर्न के इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि उसके फेफड़ों में निमोनिया है और साथ ही उसका दिल बड़ा हो गया है जिससे उसके महत्वपूर्ण अंग सामान्य से अधिक काम कर रहे हैं. चार्ली की 24 साल की बहन एमिली विंसेंट ने अपने भाई के ठीक होने के चमत्का को लेकर बताया है कि छात्र अमेरिका में गर्मी की छुट्टियों में कैम्प का हिस्सा बनकर छह साल के बच्चों को कैनोइंग सिखाने के लिए न्यू हैम्पशायर में था. बाहर रहने के कुछ ही घंटों बाद चार्ली के पैरों पर अत्यधिक धूप की जलन हो गई. इस उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जाया गया. उपचार के दौरान उसके फेफड़ों पर निमोनिया के पैच थे. इसके बाद श्वसन संक्रमण के लिए एक ऑपरेशन करवाया गया लेकिन सर्जरी के दौरान उसे शॉक कार्डियक अरेस्ट हुआ. चार्ली को एक छोटा स्ट्रोक आया. हालांकि डॉक्टरों ने इलाज जारी रखी और उसके दिल की धड़कन को फिर से शुरू करने की कोशिश जारी रखी लेकिन चार्ली के दिल को फिर से शुरू होने में 25 मिनट लग गए.

-भारत एक्सप्रेस



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