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spiritual journey

Gangotri to Deoghar padyatra Suresh Ji: बिहार के लखीसराय निवासी सुरेश जी 46 दिनों की पैदल यात्रा पूरी कर गंगोत्री धाम से गंगाजल लेकर आरा पहुंचे. वे अब देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर शिवलिंग का जलाभिषेक करने की तैयारी में हैं.

हिमालय की गोद में बसे बाबा केदारनाथ के दर्शन का अनुभव अलौकिक और अविस्मरणीय होता है. फाटा की शांत वादियों में रात्रि विश्राम के बाद, हेलिकॉप्टर के जरिए बादलों को चीरते हुए केदारपुरी पहुंचना किसी दिव्य स्वप्न जैसा प्रतीत होता है.

“दण्डपाणि च भैरवम्” यतीन्द्र नाथ चतुर्वेदी और प्रो. (डॉ.) विजय नाथ मिश्र द्वारा संकलित एक अद्भुत कृति है, जो काशी (वाराणसी) की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक संपदा को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है.

बिहार के बक्सर जिले में पंचकोशी परिक्रमा मेले की शुरुआत हो चुकी है। यह पांच दिवसीय आस्था यात्रा त्रेता युग की उस परंपरा को जीवित रखती है, जब भगवान राम ने ताड़का वध के बाद नारी हत्या दोष से मुक्ति के लिए पांच ऋषियों के आश्रमों की यात्रा की थी। अहिरौली, नादांव, भभुअर, नुआव और चरित्रवन जैसे पवित्र स्थलों पर भगवान राम ने पुआ-पकवान से लेकर लिट्टी-चोखा तक का भोग लगाया था। आज भी यह परिक्रमा हर वर्ष श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न होती है। देखिए बक्सर की इस भक्ति और परंपरा से जुड़ी हमारी खास रिपोर्ट...

नैमिषारण्य की 84 कोसी परिक्रमा फाल्गुन मास की प्रतिपदा से शुरू हुई, जिसमें हजारों श्रद्धालु, साधु-संत धर्म ध्वजा थामे यात्रा कर रहे हैं. प्रशासन ने सुरक्षा व सुविधाओं की व्यवस्था की है.

संत प्रेमानंद महाराज ने 12 दिन बाद अपनी रात्रिकालीन पदयात्रा फिर से शुरू की, भक्तों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके दर्शन से चेहरे पर खुशी झलकी.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्यपाल रमेन डेका ने महाकुंभ 2025 के दौरान त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान किया और प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए आशीर्वाद लिया. सभी छत्तीसगढ़ी अतिथियों ने इस धार्मिक आयोजन को सौभाग्य बताया और यूपी सरकार का आभार व्यक्त किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से कन्याकुमारी के उसी प्रसिद्ध विवेकानंद रॉक मेमोरियल (विवेकानंद शिला पर) पर एक जून तक ध्यान लगाएंगे.