भारत के पास ‘स्टेबलकॉइन्स’ फिनटेक क्षेत्र में नेतृत्व करने का मौका- प्रदीप भंडारी
स्टेबलकॉइन सिर्फ एक और क्रिप्टोकरेंसी नहीं हैं. ये पूरी तरह से 1:1 अनुपात में अमेरिकी सरकार के ट्रेजरी बिल्स द्वारा समर्थित हैं. इसे डॉलर का एक डिजिटल संस्करण कहा जा रहा है.





