‘2026 में भी महिलाओं को कमतर दिखाने वाली प्रथा क्यों?’ तलाक-ए-हसन पर सुप्रीम कोर्ट का तीखा सवाल
सुप्रीम कोर्ट तलाक-ए-हसन की संवैधानिकता पर 27 अक्टूबर को अंतिम सुनवाई करेगा. कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या 2026 जैसे आधुनिक दौर में महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करने वाली प्रथा को जारी रहने दिया जा सकता है.
सुप्रीम कोर्ट ने मुसलमानों में प्रचलित तलाक-ए-हसन, तलाक-ए-अहसन और तलाक-ए-किनाया पर NHRC, NCW और NCPCR से मांगी राय
कोर्ट ने प्रभावित महिलाओं और विवाहेत्तर संबंधों से पैदा हुए बच्चों पर तलाक -ए-हसन के प्रभाव की जांच करने के लिए राय मांगी है. कोर्ट नवंबर को तीसरे हफ्ते में इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.





