शव को खाने की रस्म! इस जनजाति में अपनों की लाश को खा जाना था प्यार की निशानी
दुनिया में आज भी कुछ ऐसी जनजातियां हैं, जिनकी परंपराएं आम सोच से बिल्कुल अलग हैं. पापुआ न्यू गिनी की फोर जनजाति भी उन्हीं में से एक थी, जहां अपने ही लोगों की मौत के बाद शव को दफनाने के बजाय खा लिया जाता था.
मेक्सिको में ढहा प्राचीन पिरामिड…जानें किसलिए किया जाता था इसका इस्तेमाल, स्थानीय जनजाति ने ‘प्राकृतिक आपदा’ की दी चेतावनी
इतिहासकारों का कहना है कि प्राचीन पुरेपेचा जनजाति ने अपने सबसे महत्वपूर्ण देवता कुरिकवेरी को मानव बलि देने के लिए याकाटा पिरामिड का इस्तेमाल किया था.





