भारत की UPI सफलता अन्य देशों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल पेश करती है, 30 करोड़ लोग कर रहे हैं उपयोग
2016 में लॉन्च होने के बाद से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने भारत में वित्तीय पहुंच को बदल दिया है, जिससे 30 करोड़ लोग और 5 करोड़ व्यापारी निर्बाध डिजिटल लेन-देन करने में सक्षम हुए हैं.
यूपीआई की पहुंच बढ़ने से पहली बार लोन लेने वाले लोगों की संख्या में हो रहा इजाफा, रिपोर्ट में हुआ खुलासा
आईआईएम और आईएसबी के प्रोफेसर्स द्वारा तैयार किए गए पेपर में कहा गया कि 2016 में लॉन्च हुए यूपीआई से देश के फाइनेंशियल सेक्टर में बड़ा बदलाव लाया है.
यूपीआई लाइट वॉलेट की लिमिट हुई 5,000 रुपये, प्रति ट्रांजैक्शन की लिमिट भी बढ़ी, ऑफलाइन भी कर सकते हैं भुगतान
यूपीआई लाइट व्यक्ति-से-व्यक्ति भुगतान, व्यक्ति-से-व्यापारी भुगतान और छोटे व्यापारी भुगतान के लिए ऑफलाइन लेनदेन को सपोर्ट करता है.
UPI बना देश का सबसे पसंदीदा पेमेंट मोड, अक्टूबर में 10 अरब मर्चेंट ट्रांजैक्शन का आंकड़ा किया पार
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ 31 अक्टूबर, यानी दीवाली के दिन, यूपीआई पर 64.4 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए. यह एक दिन में सबसे ज्यादा ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड है.
ग्रामीण उपभोग में सुधार से छोटे शहरों में डिजिटल डिमांड बढ़ी, त्योहारी सीजन के दौरान शहरी इलाकों से ज्यादा खरीदारी
देश में त्योहारी सीजन में खर्च के पैटर्न से पता चलता है कि अर्ध-शहरी और ग्रामीण उपभोग की मांग में वृद्धि हो रही है. कस्बों-छोटे शहरों में रहने वाले लोग शहरी लोगों की तुलना में पैसा ऑनलाइन अधिक खर्च कर रहे हैं.
UPI भुगतान बढ़ने के साथ Debit Card से लेनदेन घटा, सितंबर में 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज : RBI Data
भारतीय रिजर्व बैंक के मासिक आंकड़ों के अनुसार, UPI आधारित डिजिटल भुगतान (Digital Transactions) में वृद्धि के बीच डेबिट कार्ड आधारित लेनदेन में गिरावट दर्ज हुई है.
डिजिटल लेनदेन की संख्या चार साल में पहुंच सकती है 439 अरब, UPI की होगी 91% हिस्सेदारी: रिपोर्ट
UPI Payment: देश में UPI (Unified Payments Interface) से लेनदेन की संख्या वित्त वर्ष 2028-29 तक 439 अरब पहुंच सकती है, जो कि पिछले वित्त वर्ष में 131 अरब थी.
आरबीआई ने UPI को लेकर किया बड़ा ऐलान, अब 5 लाख तक कर सकेंगे पेमेंट, लेकिन रखी ये शर्त
शक्तिकांत दास ने कहा कि यूपीआई के देश भर में 42.4 करोड़ यूजर्स हैं. इसमें आने वाले समय में और बढ़ोतरी होने की संभावना है.
वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं शहरी भारतीय, जानें क्या है आंकड़ा
कम्युनिटी प्लेटफॉर्म LocalCircles के अध्ययन से पता चलता है कि RBI, UPI और Credit Card जारी करने वाले बैंकों को इस तरह की वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने में मदद करने के लिए और अधिक सुरक्षा उपाय करने की जरूरत है.
नहीं काम आया UPI और नोटबंदी का आईडिया, भारत में दिन पर दिन बढ़ रहा कैश का इस्तेमाल
Cash Circulation in India: नोटबंदी, यूपीआई की शुरुआत और 2000 रुपये के नोट को पिछले साल बंद करने का फैसला... ये सभी उपाय देश में कैश के इस्तेमाल को कम करने में नाकामयाब साबित हुए हैं...







