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बिहार के किसानों की हुई बल्ले-बल्ले! टाउनशिप के लिए गई जमीन का मिलेगा 4 गुना दाम, जानें सम्राट सरकार का प्लान

बिहार सरकार ने ‘बिहार रैयती भूमि क्रय नीति 2026’ को मंजूरी देकर ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन खरीद-बिक्री पर लगी पाबंदी हटा दी है. नई नीति के तहत ग्रामीण जमीन पर 4 गुना, शहरी जमीन पर 2 गुना मुआवजा और 10% अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है.

Bihar Land Compensation: बिहार की कूटनीति और आर्थिक गलियारों से राज्य के लाखों किसानों और भूमि स्वामियों के लिए इस समय की सबसे बड़ी और धमाकेदार महा-खुशखबरी सामने आ रही है. बिहार में बीजेपी के नेतृत्व में सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कैबिनेट ने राज्य की महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं से जुड़े जमीन मालिकों को ऐतिहासिक राहत दी है.

सरकार ने ‘बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026’ को हरी झंडी दिखाते हुए टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन खरीद-बिक्री पर लगी सालों पुरानी पाबंदी को पूरी तरह हटा दिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस बड़े फैसले से न केवल किसानों की वित्तीय जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि बिहार के शहरी विकास और औद्योगिक निवेश को भी एक नई और तूफानी रफ्तार मिलने जा रही है.

नई बीजेपी सरकार का मेगा-प्लान

नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुए इस बड़े फैसले का खुलासा करते हुए बताया कि नई नीति के तहत किसानों को उनकी जमीन का ऐसा आकर्षक दाम मिलेगा कि उनकी किस्मत बदल जाएगी:

ग्रामीण क्षेत्र की जमीन: बाजार मूल्य या सर्किल रेट (MVR) में से जो भी अधिक होगा, उसका सीधे 4 गुना (चौगुना) दाम दिया जाएगा.

शहरी क्षेत्र की जमीन: बाजार मूल्य या सर्किल रेट (MVR) में से जो भी अधिक होगा, उसका सीधा 2 गुना (दुगुना) दाम मिलेगा.

10% का एक्स्ट्रा महा-बोनस: इतना ही नहीं, सम्राट सरकार निर्धारित कुल मुआवजे की राशि पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त प्रोत्साहन बोनस भी देगी, जिससे किसानों की सीधे बल्ले-बल्ले होना तय है.

11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का चक्रव्यूह

कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया गया कि बिहार के अलग-अलग हिस्सों में कुल 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की अंतिम मंजूरी दी जा चुकी है. इन टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की सही कीमत तय करने और किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए सम्राट सरकार ने ‘जिला स्तरीय रैयती भूमि क्रय समिति’ का गठन किया है, जो सीधे जमीन का वास्तविक बाजार मूल्य निर्धारित करेगी. इससे दलालों और बिचौलियों का खेल पूरी तरह खत्म हो जाएगा और पैसा सीधा किसानों के बैंक खाते में जाएगा.

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बड़े निवेशक सीधे खरीदेंगे जमीन

सरकार के नए नियमों के मुताबिक, यदि किसी किसान या रैयत को अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है, तो बिहार राज्य आवास बोर्ड (Bihar State Housing Board) तुरंत उसकी जमीन खरीद सकेगा.

इसके अलावा, राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) से मंजूरी प्राप्त बड़े औद्योगिक घराने और निवेशक भी फैक्ट्रियां लगाने के लिए सीधे किसानों से जमीन खरीद या लीज पर ले सकेंगे. बिहार में बीजेपी सरकार के आते ही रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर का एक बिल्कुल नया और आक्रामक युग शुरू होने जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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