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CBSE Board Result 2025: इस दिन जारी हो सकता है 10वीं और 12वीं का रिजल्ट, जानें क्या है Relative Grading जिसके आधार पर दिए जाएंगे मार्क्स

CBSE Board Result 2025 जल्द हो सकता है जारी, 10वीं और 12वीं के छात्र cbse.gov.in और DigiLocker से अपना रिजल्ट देख सकेंगे. जानें पासिंग क्राइटेरिया, री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया और नई Relative Grading सिस्टम की पूरी जानकारी

CBSE Board Results 2025

CBSE Board Result 2025: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) जल्द ही 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम 2025 घोषित करने वाला है. सूत्रों के अनुसार, CBSE बोर्ड परिणाम इस हफ्ते ऑनलाइन मोड में जारी किए जा सकते हैं. रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र अपनी अंकतालिका आधिकारिक वेबसाइट्स – cbse.gov.in और results.cbse.nic.in पर जाकर देख सकेंगे. इसके अलावा, छात्र DigiLocker ऐप या वेबसाइट digilocker.gov.in के माध्यम से भी अपना रिजल्ट डाउनलोड कर सकेंगे.

हाल ही में डिजीलॉकर के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर यह जानकारी दी गई है कि CBSE 10वीं और 12वीं के नतीजे जल्द ही प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए जाएंगे. हालांकि, बोर्ड की ओर से अभी तक आधिकारिक तारीख और समय की घोषणा नहीं की गई है.

CBSE बोर्ड की परीक्षाएं इस वर्ष 15 फरवरी से शुरू हुई थीं. कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 18 मार्च 2025 को समाप्त हुईं, जबकि 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 4 अप्रैल 2025 को समाप्त हुईं. इस साल करीब 42 लाख छात्र CBSE बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए हैं. इनमें से 24.12 लाख छात्र 10वीं और 17.88 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा में बैठे थे.

CBSE Result 2025: ऐसे करें रिजल्ट चेक

  • सबसे पहले CBSE की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाएं.
  • होमपेज पर दिए गए ‘Results’ सेक्शन पर क्लिक करें.
  • अब ‘CBSE Class 10th/12th Results 2025’ लिंक चुनें.
  • मांगी गई जानकारियां जैसे – रोल नंबर, स्कूल नंबर, एडमिट कार्ड आईडी, जन्मतिथि और सिक्योरिटी पिन भरें.
  • स्क्रीन पर आपका रिजल्ट दिखाई देगा.
  • भविष्य के लिए इसे डाउनलोड करके सुरक्षित रखें.

कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए पासिंग क्राइटेरिया क्या है?

CBSE बोर्ड द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार कक्षा 10वीं के छात्र को प्रत्येक विषय में थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट मिलाकर कम से कम 33% अंक प्राप्त करने अनिवार्य हैं. पास होने के लिए कम से कम पांच विषयों में सफल होना जरूरी है, जिनमें दो भाषाएं शामिल हों और उनमें से कम से कम एक हिंदी या अंग्रेज़ी होनी चाहिए.

कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में अलग-अलग कम से कम 33% अंक लाना अनिवार्य है. किसी एक हिस्से (थ्योरी या प्रैक्टिकल) में कम अंक लाने पर फेल माना जाएगा.

संतुष्ट नहीं हैं तो क्या कर सकते हैं छात्र?

CBSE ने इस साल छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है. अब अगर कोई छात्र अपने रिजल्ट से खुश नहीं है तो वह री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) के लिए आवेदन कर सकता है.

नया बदलाव यह है कि अब रीचेकिंग या री-इवैल्यूएशन के आवेदन से पहले छात्र अपनी जांची हुई उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) की कॉपी प्राप्त कर सकते हैं. इससे छात्रों को अधिक पारदर्शिता मिलती है और वे सही निर्णय ले सकते हैं.

बोर्ड परीक्षा में फेल होने पर क्या होगा?

अगर कोई छात्र एक या दो विषयों में फेल हो जाता है, तो वह कम्पार्टमेंट परीक्षा में बैठ सकता है. इसके साथ ही CBSE हर कम्पार्टमेंट छात्र को तीन मौके देता है परीक्षा पास करने के लिए. यदि छात्र तीनों प्रयासों में सफल नहीं होता, तो उसे अगले साल फिर से सभी विषयों की परीक्षा देनी होगी.

जिन विषयों में प्रैक्टिकल भी होता है, वहां अगर छात्र प्रैक्टिकल में पास है लेकिन थ्योरी में फेल हुआ है, तो अगली बार उसी प्रैक्टिकल के नंबर मान्य होंगे. लेकिन यदि प्रैक्टिकल में भी फेल हो गया, तो थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों दोबारा देने होंगे.

CBSE की नई ग्रेडिंग सिस्टम – क्या है Relative Grading?

CBSE अब Relative Grading पद्धति अपनाता है, जिसमें छात्रों को उनके नंबरों के आधार पर ग्रेड दिए जाते हैं, लेकिन यह ग्रेडिंग सभी छात्रों के प्रदर्शन के अनुपात में होती है, न कि एक तयशुदा कटऑफ पर.

  • A1 – टॉप 1/8वीं पास छात्रों को
  • A2 – अगली 1/8वीं
  • B1 – फिर अगली 1/8वीं
  • B2 – इसके बाद की 1/8वीं
  • C1, C2, D1, D2 – इसी तरह अगली- अगली 1/8वीं तक
  • E (Essential Repeat) – वे छात्र जो पासिंग क्राइटेरिया में खरे नहीं उतरते

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-भारत एक्सप्रेस 



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