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CPCB NOC Rules: देश में स्वच्छ और हरित ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट्स के लिए मंजूरी की प्रक्रिया को और आसान बना दिया है, जिससे अब रसोई और वाहनों के लिए पीएनजी व सीएनजी नेटवर्क का विस्तार दोगुनी तेजी से हो सकेगा.
संक्षेप में कहें तो, CPCB के नए आदेश से CNG और PNG परियोजनाओं को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अब महज 15 दिन में मंजूरी मिल जाएगी. इससे बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास होगा, स्वच्छ ईंधन को प्रोत्साहन मिलेगा और एलपीजी सिलेंडर पर आम जनता की निर्भरता घटेगी.
NOC मिलने की समयसीमा घटी
CPCB ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) परियोजनाओं के लिए प्रदूषण विभाग की मंजूरी (NOC) देने की समयसीमा 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दी है. इसके तहत राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को स्थापना (CTE) और संचालन (CTO) से जुड़ी मंजूरियों के आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाना होगा.
LPG पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य
इस कदम का मुख्य उद्देश्य एलपीजी सिलेंडरों पर बढ़ती निर्भरता को कम करना है. घरों में पाइपलाइन से प्राकृतिक गैस (PNG) की सीधी सप्लाई बढ़ने से रसोई गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होगी. इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट और अस्पतालों में भी प्राकृतिक गैस का उपयोग आसान हो जाएगा.
गैस नेटवर्क विस्तार को मिलेगी गति
मंजूरी में लगने वाले समय के आधा हो जाने से गैस वितरण कंपनियों को नए शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने में सहूलियत मिलेगी. हालांकि, कंपनियों को सभी पर्यावरणीय और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा.
-भारत एक्सप्रेस
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