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EPFO News: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने 30 करोड़ से अधिक सदस्यों की रिटायरमेंट बचत को लेकर एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है. संगठन अब इस बचत का एक हिस्सा स्टार्टअप और प्राइवेट इक्विटी जैसे नए विकल्पों में निवेश करने की तैयारी कर रहा है.
ईपीएफओ (EPFO) अपनी नई जमा राशि का 3% हिस्सा सेबी-पंजीकृत अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) में लगाने के लिए नई गाइडलाइन तैयार कर रहा है. इस प्रस्ताव को नवंबर में केंद्रीय न्यासी बोर्ड के सामने रखा जाएगा. मंजूरी मिलने पर स्टार्टअप और विकासशील कारोबारों को बड़ा निवेश मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा.
AIF में निवेश की तैयारी में EPFO
EPFO के सदस्य 30 करोड़ से अधिक कर्मचारियों की बचत अब स्टार्टअप और प्राइवेट इक्विटी जैसे निवेश विकल्पों से जुड़ सकती है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) में निवेश के लिए नई गाइडलाइन तैयार कर रहा है. इसके तहत हर साल मिलने वाली नई जमा राशि का 3% तक हिस्सा चुनिंदा AIF में लगाने का प्रस्ताव है. हालांकि, इस प्रस्ताव को अभी मंजूरी मिलना बाकी है. द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सेबी की निवेश समिति की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई है.
30 करोड़ से अधिक सदस्यों की बचत का प्रबंधन
रिपोर्ट के अनुसार, EPFO करीब 30 करोड़ से अधिक सदस्यों की लगभग ₹30 लाख करोड़ की रिटायरमेंट बचत को मैनेज करता है. अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो EPFO की निवेश रणनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है. इससे स्टार्टअप और अन्य विकासशील कारोबारों को नई पूंजी मिलने का रास्ता खुलेगा. अभी तक EPFO मुख्य रूप से सरकारी प्रतिभूतियों, बॉन्ड और अन्य पारंपरिक निवेश विकल्पों में ही पैसा लगाता रहा है.
नवंबर में केंद्रीय न्यासी बोर्ड के सामने आएगा प्रस्ताव
रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रस्ताव को नवंबर में केंद्रीय न्यासी बोर्ड के सामने रखा जाएगा. इस बोर्ड की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया करते हैं. बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी. इस कदम का मुख्य उद्देश्य EPFO के निवेश के दायरे को बढ़ाना और रिटर्न के नए विकल्प तलाशना है.
किन फंड्स में निवेश कर सकता है EPFO?
प्रस्ताव के तहत EPFO, SEBI से रजिस्टर्ड कैटेगरी-I और कैटेगरी-II अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) में निवेश कर सकता है:
- कैटेगरी-I AIF: इन फंड्स का निवेश स्टार्टअप, छोटे कारोबार, इंफ्रास्ट्रक्चर और वेंचर कैपिटल जैसे क्षेत्रों में किया जाता है.
- कैटेगरी-II AIF: इनमें प्राइवेट इक्विटी, रियल एस्टेट और प्राइवेट डेट जैसे निवेश विकल्प शामिल होते हैं.
- इन फंड्स के जरिए EPFO को पारंपरिक निवेश के अलावा दूसरे उभरते क्षेत्रों में भी पैसा लगाने का अवसर मिलेगा. हालांकि, इन निवेशों में जोखिम भी शामिल होता है.
स्टार्टअप इंडिया फंड्स से हो सकती है शुरुआत
रिपोर्ट के मुताबिक, DPIIT ने सितंबर में EPFO को पत्र लिखकर ‘Startup India Fund of Funds 2.0’ में भाग लेने का अनुरोध किया था. इसके बाद AIF में निवेश के लिए व्यापक नियम बनाने पर चर्चा शुरू हुई. शुरुआती चरण में EPFO नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) और सिडबी (SIDBI) के माध्यम से निवेश करने पर विचार कर रहा है. निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिए फंड का साइज कम से कम ₹100 करोड़ होने और विदेश में रजिस्टर्ड कंपनियों में निवेश पर प्रतिबंध जैसी शर्तें भी शामिल की गई हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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