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खुले पैसे की किल्लत होगी दूर! सरकार ला रही है खास ‘हाइब्रिड ATM’, अब 10, 20 और 50 के नोटों के लिए भटकना बंद

केंद्र सरकार छोटे नोटों, 10, 20, 50 रुपये की कमी दूर करने के लिए हाइब्रिड एटीएम और नई वेंडिंग मशीनें लाने की तैयारी में है. मुंबई में इसका सफल ट्रायल जारी है. जानें पूरी खबर.

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Hybrid ATM: अगर आप भी बाजार में 500 का नोट लेकर निकलते हैं और दुकानदार ‘छुट्टे नहीं हैं’ कहकर आपको सामान देने से मना कर देता है, तो आपके लिए एक बड़ी राहत वाली खबर है. नोटबंदी के करीब एक दशक बाद भी छोटे नोटों की जो किल्लत हम और आप रोज झेलते हैं, उसे दूर करने के लिए केंद्र सरकार अब कमर कस चुकी है. सरकार कुछ ऐसे कदम उठाने जा रही है, जिससे आपकी जेब में 10, 20 और 50 रुपये के नोट हमेशा मौजूद रहेंगे.

क्या है सरकार का ‘मास्टर प्लान’?

एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के भीतर दो बड़े प्रस्तावों पर चर्चा चल रही है. पहला तो यह कि एक ऐसी नई मशीन बनाई जाए जो सिर्फ मांग पर छोटे नोट जैसे, 10, 20, 50 रुपये जारी करे. दूसरा और सबसे दिलचस्प प्रस्ताव है Hybrid ATM का. यह कोई साधारण एटीएम नहीं होगा, बल्कि एक ऐसी मशीन होगी जो आपके बड़े नोटों को छोटे नोटों और सिक्कों में बदल देगी. यानी अब आपको ‘खुले’ कराने के लिए किसी पेट्रोल पंप या परचून की दुकान के चक्कर नहीं काटने होंगे.

मुंबई में चल रहा है ट्रायल

खबरों की मानें तो इस योजना पर काम सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है. मुंबई में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत ऐसी मशीन के प्रोटोटाइप का परीक्षण शुरू हो चुका है.

भारतीय रिजर्व बैंक ने पहले ही बैंक ऑफ बड़ौदा की एक शाखा में इस मॉडल को परखना शुरू कर दिया है. अगर यह ट्रायल सफल रहता है, तो जल्द ही आपको रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों जैसी भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ये मशीनें देखने को मिलेंगी.

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छोटे नोटों की कमी क्यों है बड़ी समस्या?

आज के दौर में भले ही डिजिटल पेमेंट बढ़ गया हो, लेकिन भारत का एक बहुत बड़ा हिस्सा, खासकर रेहड़ी-पटरी वाले और ग्रामीण इलाके आज भी कैश पर निर्भर हैं. आरबीआई के आंकड़े बताते हैं कि बाजार में मौजूद कुल कैश की वैल्यू का 86% हिस्सा अकेले 500 रुपये के नोटों का है. जबकि 10, 20 और 50 रुपये जैसे छोटे नोटों की वैल्यू सिर्फ 3.1% ही है. यही वजह है कि लेन-देन के समय ‘चेंज’ को लेकर अक्सर झगड़े और देरी होती है.

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-भारत एक्सप्रेस



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