Puja Party Honeymoon In Railway: इन दिनों सोशल मीडिया रील और वीडियो के क्रेज से पूरी तरह सराबोर है. हाल-फिलहाल में इंटरनेट पर कभी चलती ट्रेन के भीतर नवविवाहित जोड़े के ‘हनीमून रोमांस’ का वीडियो वायरल हो जाता है, तो कभी बोगियों के बीच ढोल-मंजीरों के साथ पंडित जी द्वारा किए जा रहे ‘रुद्रअभिषेक और पूजा-पाठ’ का वीडियो नेटिजन्स के होश उड़ा देता है. इन वीडियो को देखकर आम जनता अक्सर हैरान रह जाती है और कमेंट बॉक्स में सवाल तैरने लगते हैं कि क्या चलती ट्रेन में ये सब करना गैर-कानूनी नहीं है? क्या इससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में नहीं पड़ती?
अगर आप भी यही सोचते हैं, तो ठहरिए! क्योंकि रेलवे के पास एक ऐसा लीगल रास्ता है, जिसके बारे में 90% लोगों को भनक तक नहीं है. रुद्रअभिषेक का वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय रेलवे ने खुद सामने आकर इस पूरे कानूनी खेल से पर्दा उठाया है. आइए, जानते हैं कि कैसे आप भी पैसा फेंककर चलती ट्रेन में अपनी मनमर्जी की पूजा, पार्टी या हनीमून ट्रिप प्लान कर सकते हैं?
पटरियों पर दौड़ता 5-स्टार होटल (Luxury Group Travel Indian Railway)
जब बात रेलवे में प्राइवेसी और लग्जरी की आती है, तो ‘सैलून कार’ का नाम सबसे ऊपर आता है. ब्रिटिश काल और राजा-महाराजाओं के जमाने के वैभव की याद दिलाने वाला यह कोच असल में पटरियों पर दौड़ता एक 5-स्टार सुइट है. एक सैलून कार में 2 आलीशान एसी बेडरूम, अटैच वॉशरुम, एक बड़ा डाइनिंग एरिया, सोफे से सजा लाउंज (बैठने की जगह) और एक छोटा सा आधुनिक किचन (रसोई) होता है.
सफर के दौरान खाना पकाने और आपकी खातिरदारी के लिए रेलवे का विशेष शेफ और अटेंडेंट स्टाफ भी इस कोच में आपके साथ चलता है. यदि आप हनीमून या शादी के लिए इसे बुक करते हैं, तो सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किए बिना और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाए बिना आप इसके भीतर अपनी पसंद की डेकोरेशन (सजावट) भी करवा सकते हैं.
ट्रेन या बोगी बुक करने का खर्च (Charter A Train In Indian Railway)
अगर आप सैलून कोच नहीं, बल्कि अपनी पूरी शादी की बारात, धार्मिक यात्रा या कॉर्पोरेट टूर के लिए पूरा डिब्बा या 24 कोच की पूरी की पूरी ट्रेन ही अपने नाम करना चाहते हैं, तो रेलवे इसके लिए FTR (फुल टैरिफ रेट) स्कीम चलाता है. इसी व्यवस्था के तहत 8 जुलाई 2026 को एक परिवार ने 3.08 लाख का एडवांस देकर सैलून कार बुक की थी, जिसमें पंडित जी चलती ट्रेन में रुद्रअभिषेक कर रहे थे.
कोच और ट्रेन बुकिंग का रेट कार्ड
आम तौर पर 3 रात और 4 दिन की यात्रा के लिए रूट और दूरी के हिसाब से इसकी लागत 1.7 लाख से 2 लाख रुपये के बीच आती है. इसमें 6 से 8 लोग राजशाही अंदाज में सफर कर सकते हैं. यदि आप पूरी ट्रेन नहीं, बल्कि एक सामान्य स्लीपर या एसी कोच बुक करना चाहते हैं, तो यात्रा के कुल किराए के अलावा प्रति कोच 50,000 का सिक्योरिटी डिपॉजिट एडवांस जमा करना होता है.
अगर आप अपने लिए पूरी विशेष ट्रेन चार्टर करना चाहते हैं, तो इसका शुरुआती रजिस्ट्रेशन चार्ज ही 9 लाख रुपये से शुरू होता है. FTR नियमों के मुताबिक, भले ही आपके ग्रुप को कम डिब्बों की जरूरत हो, लेकिन रेलवे न्यूनतम 18 कोच का भाड़ा वसूलेगा (एक FTR ट्रेन में अधिकतम 24 कोच हो सकते हैं, जिसमें 2 एसएलआर बोगियां अनिवार्य हैं).
कैसे करें FTR ऑनलाइन बुकिंग? (Railway FTR Train Booking Process)
- IRCTC FTR पोर्टल पर जाएं
- नया यूजर रजिस्ट्रेशन करें
- यात्रा की तारीख, रूट और कोच का चयन करें
- एडवांस सिक्योरिटी डिपॉजिट (₹50k / ₹9 लाख) भरें
- रेलवे से ऑपरेशनल क्लीयरेंस का इंतजार करें
इन बातों का ध्यान रखना जरूरी (Railway Full Tariff Rate Rules)
आप अपनी यात्रा से अधिकतम 6 महीने पहले और न्यूनतम 30 दिन पहले ही इसके लिए आवेदन कर सकते हैं. आखिरी समय में कोई बुकिंग नहीं होती क्योंकि रेलवे को ट्रेन की ऑपरेशनल स्थिति और रूट की फिजिबिलिटी जांचनी होती है. जो लोग डिजिटल बुकिंग नहीं करना चाहते, वे अपने नजदीकी बड़े रेलवे स्टेशन के चीफ रिजर्वेशन ऑफिसर या स्थानीय आईआरसीटीसी (IRCTC) कार्यालय में जाकर फिजिकल फॉर्म भर सकते हैं. यदि किसी कारणवश आप या रेलवे इस यात्रा को रद्द करते हैं, तो चीफ कमर्शियल मैनेजर (CCM) के माध्यम से मैनुअल ऑडिट के बाद नियमानुसार कैंसिलेशन चार्ज काटकर रिफंड प्रोसेस किया जाता है.
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भारतीय रेलवे में सब मुमकिन (IRCTC FTR Booking Process Railway)
सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो भले ही पहली नजर में नियमों का उल्लंघन लगते हों, लेकिन भारतीय रेलवे का FTR और सैलून सिस्टम के जरिए आप सब कर सकते हैं. कमर्शियल बुकिंग परिवार को चलती ट्रेन में पूजा आदि करने का अनुभव देने के साथ ही रेलवे के लिए मुनाफे वाले बिजनेस मॉडल भी है. तो अगली बार जब आप ट्रेन में किसी को पूजा, बर्थडे पार्टी या हनीमून मनाते देखें, तो हैरान होने के बजाय यह समझ लें कि सामने वाले ने ‘फुल Tariff’ चुकाया है. नियम कायदों के भीतर रहकर सफर को यादगार बनाने का यह रेलवे का सबसे शानदार तरीका है.
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