Indian Railways Fare Hike: ‘यात्रीगण कृपया ध्यान दें…’ रेलवे स्टेशनों पर गूंजने वाली यह आवाज अक्सर ट्रेन के आने-जाने की सूचना देती है लेकिन आज इसका मतलब थोड़ा अलग है. आज से यह आवाज आपको अपनी जेब ढीली करने का संकेत दे रही है. अगर आप नए साल पर घर जाने या छुट्टियों में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो अपना बजट दोबारा चेक कर लीजिए. साल 2025 खत्म होने से ठीक पहले भारतीय रेलवे ने आम आदमी को महंगाई का अनचाहा तोहफा दिया है.
आज, यानी 26 दिसंबर की सुबह से देश की लाइफलाइन कही जाने वाली ट्रेन का सफर महंगा हो गया है. साल में दूसरी बार बढ़ा किराया रेलवे मंत्रालय द्वारा 21 दिसंबर को जारी की गई अधिसूचना आज से प्रभावी हो गई है.
एक साल में दूसरी बार (Indian Railways Train Fare Hike)
यह एक साल के भीतर दूसरी बार है जब रेलवे ने यात्री किराए में संशोधन किया है. इससे पहले जुलाई महीने में भी किराए में बढ़ोतरी की गई थी. महज छह महीनों के भीतर दूसरी बार हुए इस इजाफे का सीधा असर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले मुसाफिरों पर पड़ेगा, चाहे वे एसी कोच में सफर कर रहे हों या नॉन-एसी में.
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किसे राहत, किसे आफत?
रेलवे ने इस बढ़ोतरी में एक बारीक लकीर खींची है. छोटी दूरी तय करने वाले यात्रियों को थोड़ी राहत दी गई है, लेकिन लंबी दूरी के यात्रियों की जेब कटना तय है. मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की नॉन-एसी श्रेणियों और सभी ट्रेनों की एसी (AC) श्रेणियों में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है.
- अगर आप साधारण श्रेणी में 215 किलोमीटर तक का सफर कर रहे हैं, तो किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है.
- 215 की इस सीमा के बाद साधारण श्रेणी के किराए में 1 पैसा प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी लागू होगी.
क्या कह रही है रेलवे? (Indian Railways Train Ticket)
एक पैसा या दो पैसा प्रति किलोमीटर सुनने में भले ही बहुत छोटी रकम लगे, लेकिन जब सैकड़ों किलोमीटर के सफर का हिसाब जुड़ता है, तो यह आंकड़ा आम आदमी के महीने के बजट में सेंध लगाने के लिए काफी होता है. लगातार दूसरी बार किराया बढ़ाने के फैसले पर सफाई देते हुए मंत्रालय ने कहा है कि इसका उद्देश्य किराए को ‘तर्कसंगत’ बनाना है. रेलवे के मुताबिक, यात्रियों को किफायती सफर मुहैया कराने और रेलवे के ऑपरेशनल खर्चों (लागत) के बीच संतुलन बनाने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था.
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