राजा भैया ने 500 से ज्यादा हथियारों का शस्त्र पूजन किया
Raja Bhaiya viral statement: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में विजयदशमी के मौके पर कुंडा विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का पारंपरिक शस्त्र पूजन एक बार फिर चर्चा में आ गया. बेंती राजभवन में हुए इस आयोजन में 500 से ज्यादा छोटे-बड़े हथियारों की पूजा की गई. लेकिन इस बार लोगों का ध्यान सिर्फ शस्त्र पूजन पर नहीं, बल्कि अनुष्ठान के बाद राजा भैया के बयान पर भी रहा. उनकी बात सुनकर वहां मौजूद लोग तालियां बजाने लगे.
राजा भैया ने कहा, ‘ये ना जानो बस इतने ही हैं… हाथी के दांत दिखाने के अलग होते हैं, खाने के अलग होते हैं.’ उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई. पिछले साल हथियारों को लेकर उनकी पत्नी रानी भानवी सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों के चलते भी इस बार के आयोजन पर लोगों की नजरें टिकी थीं.
वैदिक मंत्रों के बीच हुआ शस्त्र पूजन
विजयदशमी के दिन बेंती राजभवन में शस्त्र पूजन की तैयारियां पारंपरिक तरीके से की गई थीं. राजभवन के मुख्य हॉल में छोटे-बड़े हथियार सजाए गए. इसके बाद पुरोहितों और वैदिक आचार्यों की मौजूदगी में विधि-विधान से पूजा संपन्न हुई.
हनुमान जी की प्रतिमा के सामने रखे हथियारों पर राजा भैया ने तिलक लगाया, फूल चढ़ाए और आरती की. इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरा माहौल धार्मिक नजर आया. बताया गया कि इस आयोजन में 500 से अधिक हथियारों की पूजा की गई.
राजा भैया के परिवार में विजयदशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है. उनके समर्थक इसे धार्मिक आस्था के साथ पारिवारिक विरासत और क्षत्रिय परंपरा से भी जोड़कर देखते हैं.
बयान ने क्यों खींचा लोगों का ध्यान?
शस्त्र पूजन के बाद राजा भैया की टिप्पणी ने आयोजन को और चर्चा में ला दिया. उनके शब्दों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. पिछले साल हथियारों को लेकर हुए विवाद की पृष्ठभूमि में कुछ लोग उनके बयान को उसी घटनाक्रम से जोड़कर देख रहे हैं. हालांकि, उनके इस कथन का वास्तविक आशय क्या था, इसे लेकर कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.
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पिछले साल भी हुआ था विवाद
पिछले साल रानी भानवी सिंह ने हथियारों को लेकर आरोप लगाए थे और इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय तथा केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई थी. वहीं, उस विवाद के दौरान राजा भैया की ओर से यह पक्ष रखा गया था कि पूजन में शामिल हथियार परिवार, सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों से संबंधित हैं और उनके पास वैध लाइसेंस हैं. ऐसे में इस बार शस्त्र पूजन के साथ उनका बयान भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया.
-भारत एक्सप्रेस
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