उत्तर प्रदेश में साल 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात अभी से बिछने लगी है. सभी सियासी दल अपनी रणनीति को धार देने में जुटे हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बार एक बिल्कुल नया और बड़ा दांव चलने की तैयारी कर ली है. अब तक पार्टी जिस ‘PDA’ यानी ‘पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक’ के नारे के जरिए सिर्फ सामाजिक समीकरण साधती आई थी, उसे अब आर्थिक राहत के धागों से पिरोने का प्लान बन चुका है. चुनाव से ठीक पहले सपा का यह ‘आर्थिक PDA’ फॉर्मूला यूपी की राजनीति में बड़ा भूचाल ला सकता है.
सामाजिक समीकरणों के साथ आर्थिक वादों का तड़का
सपा की रणनीति साफ है कि इस बार चुनाव सिर्फ जातियों के गुणा-भाग पर नहीं लड़ा जाएगा, बल्कि लोगों की जेब और घर के बजट को भी मुख्य मुद्दा बनाया जाएगा. पार्टी ने तय किया है कि अपने चुनावी घोषणा पत्र में जनता को सीधे तौर पर राहत देने वाली योजनाओं का पिटारा खोला जाए. इसी कड़ी में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त बिजली, महिलाओं के लिए सालाना बड़ी आर्थिक मदद, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) और युवाओं के लिए रोजगार के पक्के वादों को शामिल किया जा रहा है.
अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि पार्टी संविधान दिवस यानी 26 नवंबर को अपना मुख्य चुनावी घोषणा पत्र जारी करेगी. इस मेनिफेस्टो को ‘सत्ताईस का संकल्प: PDA का प्रणपत्र और जन-मन का मैनिफेस्टो’ नाम दिया गया है. इसके जरिए सपा सिर्फ कागजी वादे नहीं करना चाहती, बल्कि यूपी के विकास का एक ऐसा ठोस रोडमैप पेश करना चाहती है जो हर वर्ग के दिल को छू सके.
हर जिले के लिए अलग घोषणा पत्र
इस बार के चुनाव में सपा की रणनीति का सबसे दिलचस्प हिस्सा यह है कि पार्टी सिर्फ एक राज्य-स्तरीय मेनिफेस्टो तक सीमित नहीं रहेगी. पार्टी की योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए अलग-अलग स्थानीय घोषणा पत्र तैयार करने की है. इसके पीछे सोच यह है कि हर जिले की अपनी अलग समस्याएं और जरूरतें होती हैं. कहीं सिंचाई और कृषि का मुद्दा बड़ा है, तो कहीं सड़कें, शिक्षा या शहरी सुविधाएं. स्थानीय मुद्दों को सीधे मेनिफेस्टो में जगह देकर सपा हर जिले के कार्यकर्ताओं और आम जनता को अपने साथ मजबूती से जोड़ने की जुगत में है.
महिलाओं, युवाओं और कर्मचारियों के लिए बड़े ऐलान
सपा के इस नए प्लान में हर आयु वर्ग और हर तबके का खास ख्याल रखा गया है:
- मुफ्त बिजली का दांव: घरेलू बजट को संभाल रहे आम आदमी को राहत देने के लिए 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने के पुराने वादे को फिर से बड़े पैमाने पर भुनाने की तैयारी है.
- स्त्री सम्मान समृद्धि योजना: महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें हर साल 40 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने का बड़ा ऐलान किया जा सकता है. इसके अलावा बेटियों की पढ़ाई और महिला सुरक्षा पर भी खास फोकस होगा.
- पुरानी पेंशन (OPS) की बहाली: सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों की लंबी मांग को देखते हुए सपा ने साफ संकेत दिए हैं कि सरकार बनते ही ओपीएस को बहाल करने की दिशा में तेजी से काम होगा.
- युवा और रोजगार: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करने और शिक्षा मित्रों व मानदेय शिक्षकों की समस्याओं का समाधान निकालने का वादा भी इस मेनिफेस्टो की जान होगा.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से काफी पहले मेनिफेस्टो लाने के पीछे सपा की मंशा यह है कि इन योजनाओं का असर धरातल पर साफ दिखाई दे और वोटर तक इसका संदेश गहराई से पहुंचे. अब देखना यह होगा कि 26 नवंबर को अखिलेश यादव इस ‘प्रणपत्र’ में जनता के लिए और क्या-क्या नए और चौंकाने वाले सरप्राइज लेकर आते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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