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VIP कल्चर या आफत? BJP नेता हरीश द्विवेदी के काफिले में फंसी एंबुलेंस

भाजपा नेता हरीश द्विवेदी के शक्ति प्रदर्शन के दौरान सड़क पर भारी जाम लग गया. इस बीच फंसी एंबुलेंस का वीडियो वायरल होने पर लोगों का गुस्सा भड़का और वीआईपी कल्चर पर सवाल उठे.

Ambulance Stuck In BJP Leader Harish Dwivedi Convoy Traffic Jam Video Viral Bharat Express

उत्तर प्रदेश के बस्ती लोकसभी सीट से पूर्व सांसद और भाजपा नेता हरीश द्विवेदी के हालिया काफिले को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं. लखनऊ से लेकर बाराबंकी, अयोध्या और बस्ती तक सड़कों पर लगे लंबे ट्रैफिक जाम की खबरों के बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने लोगों में भारी गुस्सा भर दिया है.

इस वायरल वीडियो में एक एंबुलेंस घंटों तक लंबे जाम के बीच बेबस नजर आ रही है.

रास्ता खोजती रही एंबुलेंस

दरअसल, दावा किया जा रहा है कि हरीश द्विवेदी के भारी-भरकम काफिले के गुजरने के दौरान ट्रैफिक रोक दिया गया था, जिससे सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं. इसी दौरान एक मरीज को ले जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंस गई और उसे तुरंत निकलने का रास्ता नहीं मिला.

बता दें कि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस को प्राथमिकता देना पहला नियम है और कई बार बड़े नेता खुद अपना काफिला रोककर एंबुलेंस को रास्ता दिलवाते रहे हैं. लेकिन इस घटना ने VIP  मूवमेंट और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है.

सोशल मीडिया पर फूट रहा लोगों का गुस्सा

वीडियो सामने आने के बाद आम लोगों का गुस्सा भड़क उठा है. सोशल मीडिया पर यूजर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर राजनीतिक रसूख और शक्ति प्रदर्शन के नाम पर आम जनता की जान को जोखिम में क्यों डाला जाए?

सड़क पर तड़प रहे मरीज के लिए एक-एक मिनट की कीमत जिंदगी और मौत के बराबर होती है. ऐसे में अगर वीआईपी मूवमेंट के चक्कर में एंबुलेंस रुकती है, तो यह सिर्फ ट्रैफिक जाम का मामला नहीं, बल्कि सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण है.

प्रशासनिक जांच और स्थिति की स्पष्टता बाकी

हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. अभी यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि एंबुलेंस कितनी देर तक जाम में फंसी रही और मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस ने उसे निकालने के लिए क्या प्रयास किए.

मामला अब गरमा चुका है, इसलिए स्थानीय प्रशासन की तरफ से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और स्थिति स्पष्ट किए जाने की सख्त जरूरत है.

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-भारत एक्सप्रेस



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