AMU Hostel Raid: अलीगढ़/प्रकाश: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के हॉस्टल में पुलिस की छापेमारी ने एक ऐसे छात्र का पर्दाफाश किया है, जिसके कमरे में पढ़ाई की किताबों से ज्यादा हथियार और जाली नोटों का जंजाल था. सर जियाउद्दीन हॉल के कमरा नंबर Z-37 में रहने वाले MCA द्वितीय वर्ष के छात्र शहबाज उर्फ छोटू के ठिकाने से हुई बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं.
फायरिंग की जांच पहुंची हॉस्टल
इस पूरी कार्रवाई की जड़ें 6 अप्रैल 2026 को क्वार्सी क्षेत्र की ‘आशियाना ग्रीन सोसाइटी’ में हुई फायरिंग की घटना से जुड़ी हैं. एक बुजुर्ग के साथ मारपीट और फिर उनके घर पर हुई गोलीबारी के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों ने पूछताछ में शहबाज का नाम उगला था. जब एसपी सिटी आदित्य बंसल और सीओ सर्वम सिंह ने प्रॉक्टोरियल टीम के साथ छापेमारी की, तो शहबाज मौके से फरार मिला, लेकिन उसके कमरे (Sir Ziauddin Hostel AMU) ने सारे राज उगल दिए.
कमरा या ‘अपराध का अड्डा’? (Fake Currency AMU)
छात्र के कमरे से बरामद हुए सामान को देख पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन भी सन्न है. उसके कमरे से भारी मात्रा में हथियार गोला बारूद, नकली नोट और फर्जी दस्तावेज मिले हैं.
- हथियार और गोला-बारूद: 32 बोर पिस्टल की दो मैगजीन, 9mm की गोली और 15 बोर के चार चले हुए खोखे.
- नकली मुद्रा और गैजेट्स: 100 रुपये के 6 जाली नोट, 8 मोबाइल फोन, डिजिटल साइनिंग पैड और एक लैपटॉप.
- फर्जी दस्तावेज: शहबाज के नाम पर सीबीएसई हाईस्कूल की दो संदिग्ध मार्कशीट, जिनमें जन्मतिथि में 10 साल का अंतर है. साथ ही AMU के दो ऐसे नामांकन पत्र मिले जिनमें शैक्षणिक जानकारियां पूरी तरह अलग हैं.
‘डबल लाइफ’ का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया है कि शहबाज सर जियाउद्दीन हॉल में अवैध रूप से रह रहा था. उसने पहले से रह रहे दो छात्रों को डरा-धमकाकर कमरे पर कब्जा कर रखा था. प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान के मुताबिक, प्रथम दृष्टया यह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिले का मामला लग रहा है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वह 8 मोबाइल फोन और डिजिटल पैड का उपयोग किस तरह के फर्जीवाड़े या अपराध के लिए कर रहा था.
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फरार शहबाज की तलाश तेज (AMU Fake Marksheet Scam)
फिलहाल पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है और शहबाज के खिलाफ सिविल लाइन थाने में गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है. पुलिस की टीमें फरार छात्र की तलाश में छापेमारी कर रही हैं. यूनिवर्सिटी प्रशासन भी उसके नामांकन को रद्द करने और आंतरिक जांच शुरू करने की तैयारी में है.
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