Ayodhya medical College Note Case: बलरामपुर/राहुल रतन: अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में मिले एक ‘संदिग्ध हस्तलिखित नोट’ ने जांच एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. इस मामले की जांच का दायरा अब अयोध्या से निकलकर बलरामपुर तक पहुंच चुका है. मामले में हिरासत में लिए गए पैरामेडिकल छात्र सरफराज के पैतृक घर पर अयोध्या पुलिस ने दबिश दी और उसके परिजनों व पड़ोसियों से गहन पूछताछ की है.
घर पर मिला ताला, मोहल्ले में पसरा सन्नाटा
पुलिस की पूछताछ के बाद शनिवार को जब ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम नगर कोतवाली क्षेत्र के पुरैनिया तालाब स्थित सरफराज के घर पहुंची, तो वहां दरवाजे पर ताला लटका मिला. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है और अधिकांश पड़ोसियों ने कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया.
कौन है सरफराज और क्या है पारिवारिक बैकग्राउंड?
स्थानीय लोगों के अनुसार, सरफराज अयोध्या मेडिकल कॉलेज (Rajarshi Dashrath Medical College Ayodhya) में एक्स-रे टेक्नीशियन (प्रथम वर्ष) का छात्र है. नाम न छापने की शर्त पर एक पड़ोसी ने बताया कि सरफराज का व्यवहार सामान्य था और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड या विवाद नहीं रहा है. परिवार में चार भाई और दो बहनें हैं, जबकि पिता का डेढ़ वर्ष पहले निधन हो चुका है. सरफराज प्रायः हर शनिवार बलरामपुर स्थित अपने घर आता था.
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“अटकलों से बचें, जांच जारी है” (Ayodhya suspicious note)
नगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि अयोध्या पुलिस के साथ समन्वय बनाकर स्थानीय स्तर पर सूचनाएं जुटाई जा रही हैं. वहीं, पुलिस अधीक्षक (SP) विकास कुमार ने लोगों से किसी भी तरह की अटकलों से बचने की अपील की है. उनका कहना है कि मामला पूरी तरह जांच के अधीन है और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर उस ‘संदिग्ध नोट’ में ऐसा क्या था, जिसने दो जिलों की पुलिस को अलर्ट मोड पर ला दिया है.
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