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अब खुलेगा मौत का राज! आजमगढ़ में कब्र खोदकर निकाली गई युवती की लाश, क्या दूसरी रिपोर्ट देगी न्याय?

Azamgarh Re-postmortem News: आजमगढ़ के फूलपुर में परिजनों के विरोध के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर युवती के शव को कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है. जानिए क्या है पूरा मामला?

Azamgarh Body Exhumed Re postmortem Order

Azamgarh Re-postmortem News: आजमगढ़/शुभम सिंह: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत खटौली गांव में एक सनसनीखेज घटनाक्रम सामने आया है. संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाली एक युवती ‘शिवानी’ के शव को दफनाने के कई दिनों बाद, जिलाधिकारी के विशेष आदेश पर गुरुवार को दोबारा कब्र से बाहर निकाला गया. परिजनों का गंभीर आरोप है कि यह आत्महत्या या डूबने का मामला नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई ‘हत्या’ है.

लापता होने से शव मिलने तक का घटनाक्रम

पूरा मामला 15 मार्च को शुरू हुआ था, जब शिवानी रहस्यमय तरीके से अपने घर से गायब हो गई थी. परिजनों की काफी खोजबीन के बाद 16 मार्च को स्थानीय कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई. अगले ही दिन, 17 मार्च को तमसा नदी की लहरों में शिवानी का शव उतराता हुआ मिला. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहली बार पोस्टमार्टम कराया, जिसकी रिपोर्ट में मौत का कारण ‘पानी में डूबना’ (Drowning) बताया गया था.

परिजनों ने किया ‘हत्या’ का दावा

पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट शिवानी के परिवार के गले नहीं उतरी. परिजनों का स्पष्ट कहना है कि शिवानी की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को नदी में फेंका गया था. अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए परिवार ने जिलाधिकारी (DM) से गुहार लगाई और मामले की निष्पक्ष जांच व दोबारा पोस्टमार्टम (Re-postmortem) की मांग की. भागीदारी पार्टी और सुभासपा जैसे राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी इस मांग को पुरजोर तरीके से उठाया.

प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में कार्रवाई

मामले की संवेदनशीलता और बढ़ते जन-आक्रोश को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया. गुरुवार को उपजिलाधिकारी (SDM) निजामाबाद चंद्र प्रकाश सिंह, क्षेत्राधिकारी (CO) फूलपुर किरन पाल सिंह और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शिवानी के शव को कब्र से निकलवाया गया. वीडियोग्राफी और कड़ी सुरक्षा के बीच शव को दोबारा परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है.

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प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इस बार पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ अपनाई जाएगी ताकि मौत के सही कारणों का वैज्ञानिक खुलासा हो सके. खटौली गांव में इस समय भारी तनाव व्याप्त है और ग्रामीण दोषियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं. अब सबकी नजरें दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि शिवानी के साथ उस रात असल में क्या हुआ था.



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