इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक अशरफ (मृतक) के करीबी मोहम्मद अज़हर की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज़ कर दी है. अज़हर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अशरफ से बरेली जेल में मुलाकात करने और उसके साथ आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप है. यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन ने दिया है.
फर्जी आधार कार्ड से मुलाकात का आरोप
याची अधिवक्ता का कहना था कि वह प्राथमिकी में नामित नहीं है. उसका नाम बाद में विवेचना के दौरान शामिल किया गया. उसके खिलाफ़ कोई दस्तावेजी साक्ष्य नहीं है. यह भी आरोप है कि उसने अपने आधार कार्ड पर कई लोगों की अशरफ से मुलाकात करवाई थी. प्राथमिकी सात मार्च 2023 को दर्ज हुई है किन्तु विवेचना अभी भी लंबित है. पुलिस याची को गिरफ्तार करना चाह रही है.
गैर-जमानती वारंट और कुर्की का नोटिस जारी
याचिका का विरोध करते हुए अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल और अपर शासकीय अधिवक्ता विकास सहाय का कहना था कि याची पर गंभीर आरोप है. वह विवेचना में सहयोग नहीं कर रहा है. वह लगातार गिरफ्तारी से बच रहा है. उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट और कुर्की का नोटिस भी जारी हो चुका है.
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कहा याची पुलिस विवेचना में सहयोग नहीं कर रहा है. अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं है. कोर्ट ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज़ कर दी है.
भारत एक्सप्रेस
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