बहराइच के जंगल में दिखी विशाल मॉनिटर लिजर्ड
UP News: उत्तर प्रदेश के बहराइच के कतर्नियाघाट जंगल में बारिश के बाद शिकार की खोज में निकला एक विशालकाय मॉनिटर लिजर्ड देखा गया, जिसकी तस्वीर वन विभाग के अधिकारी ने कैमरे में कैद की.
मानसून के मौसम में कतर्नियाघाट के बंधे पर एक विशाल मॉनिटर लिजर्ड घूमता हुआ पाया गया. वन रेंजर द्वारा ली गई इसकी तस्वीरें वन्यजीव प्रेमियों का ध्यान खींच रही हैं, जबकि वन विभाग ने इसे जंगल की बेहतर जैव विविधता का प्रतीक बताया है.
शिकार की तलाश में घूमती बड़ी मॉनिटर लिजर्ड
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में स्थित प्रसिद्ध कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग से एक अनोखी और रोमांचक खबर सामने आई है. मानसूनी मौसम की शुरुआत होते ही इस क्षेत्र के जंगलों में वन्यजीवों की गतिविधि अचानक बढ़ गई है. इसी दौरान कतर्नियाघाट वन रेंज के पास बंधे पर शिकार की तलाश में घूमती एक काफी बड़ी मॉनिटर लिजर्ड नजर आई, जिसे देखने के लिए आसपास के लोगों में भारी उत्सुकता फैल गई.
लगातार हो रही बारिश के कारण यह मॉनिटर लिजर्ड अपने प्राकृतिक आवास यानी बिल से बाहर निकलकर भोजन की तलाश में भटक रही थी. गश्त के दौरान कतर्नियाघाट के वन रेंजर आशीष गौड़ की नजर इस पर पड़ी और उन्होंने तुरंत इसकी तस्वीर अपने कैमरे में दर्ज कर ली. स्थानीय वन अधिकारियों का कहना है कि कतर्नियाघाट का यह इलाका प्राकृतिक रूप से बेहद समृद्ध है और ऐसे दुर्लभ जीवों का इस तरह बेझिझक घूमना क्षेत्र के संतुलित और स्वस्थ पर्यावरण को दर्शाता है.
मॉनिटर लिजर्ड से जुड़ी अहम जानकारी
यह जीव दिखने में सामान्य छिपकली जैसा ही होता है, लेकिन इसका शारीरिक आकार सामान्य छिपकलियों की तुलना में कई गुना विशाल होता है. पूरी तरह विकसित मॉनिटर लिजर्ड की लंबाई 3 मीटर तक पहुंच सकती है, जबकि इनकी त्वचा काफी सख्त और शरीर बेहद ताकतवर होता है. भारत में आमतौर पर ‘बंगाल मॉनिटर’ प्रजाति पाई जाती है, हालांकि इनका दायरा एशिया, अफ्रीका और ओशिनिया तक फैला हुआ है.
पकड़ना पूरी तरह से गैरकानूनी
इनका मुख्य भोजन छोटे-छोटे कीड़े-मकौड़े, मेंढक, पक्षियों के अंडे, मछली और छोटे जीव होते हैं. यह जीव काफी फुर्तीला होता है और जमीन पर बिल बनाने के साथ-साथ पेड़ों पर चढ़ने तथा पानी में तैरने में भी माहिर माना जाता है. पारिस्थितिकी तंत्र के लिए यह बेहद उपयोगी जीव है क्योंकि यह खेतों में चूहों और नुकसान पहुंचाने वाले कीटों की संख्या को नियंत्रित रखता है. भारत में वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत मॉनिटर लिजर्ड को नुकसान पहुंचाना या पकड़ना पूरी तरह से गैरकानूनी है.
यह भी पढ़ें-अस्पताल की लापरवाही! मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 7 मरीजों की आंखों में संक्रमण, एक की रोशनी गई
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

