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‘न्यूयॉर्क संभालें, भारत से दूर रहें’: उमर के समर्थन पर डॉ राजेश्वर सिंह की NYC मेयर को दी नसीहत

Dr Rajeshwar Singh On Zohran Mamdani: उमर खालिद मामले पर न्यूयॉर्क मेयर की आलोचना करते भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने साफ कहा है कि आप अपने से मतलब रखें. भारत के मामलों से दूर रहें.

BJP MLA Dr Rajeshwar Singh criticizing NYC Mayor Zohran Mamdani regarding Umar Khalid

Dr Rajeshwar Singh On Zohran Mamdani: दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद को न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी द्वारा समर्थन पत्र लिखे जाने का मामला गरमा गया है. लखनऊ की सरोजनी नगर सीट से भाजपा विधायक और पूर्व ईडी अधिकारी डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने न्यूयॉर्क के मेयर को खरी-खोटी सुनाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उन्हें अपना शहर संभालना चाहिए और भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने से बचना चाहिए.

‘आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं’

डॉ राजेश्वर सिंह ने सोशल मीडिया पर एक कड़े संदेश में न्यूयॉर्क के मेयर की आलोचना की. उन्होंने लिखा कि NYC मेयर जोहरान ममदानी को न्यूयॉर्क चलाना चाहिए. भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. विधायक ने इसे भारत की संप्रभुता का अपमान बताया और अमेरिकी नेता को अपनी हद में रहने की सलाह दी.

जोहरान ममदानी के फैसलों पर सवाल

भाजपा विधायक ने उमर खालिद के बचाव को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि उमर खालिद पर 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश रचने के आरोप हैं और उन पर भारत के कड़े कानून UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत मुकदमा चल रहा है.

विधायक डॉ राजेश्वर सिंह ने मेयर द्वारा रामजी कासेम की नियुक्ति पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि अल-कायदा से जुड़े कैदियों का बचाव करने वाले रामजी कासेम को नियुक्त करना और उमर खालिद का पक्ष लेना एक खतरनाक ‘वैचारिक पक्षपात’ को उजागर करता है. उन्होंने जोहरान ममदानी की कार्रवाई को राजनीतिक दिखावा बताया है.

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भारत के मामलों से दूर रहें- डॉ राजेश्वर सिंह

अपने बयान के अंत में उन्होंने कहा कि वह भारत से दूर रहें और हमारी संप्रभुता व न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करें. बता दें कि उमर खालिद 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में जेल में बंद हैं और उनकी जमानत याचिकाओं पर लंबी कानूनी प्रक्रिया चल रही है. ऐसे में विदेशी नेताओं द्वारा उनके समर्थन में पत्र लिखना भारत की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर रहा है.



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