FBI Foils ISIS Attack: अमेरिका में नए साल (2026) के जश्न को मातम में बदलने की एक बड़ी आतंकी साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया है. FBI ने उत्तरी कैरोलिना से एक 18 वर्षीय युवक, क्रिश्चियन स्टर्डिवेंट, को गिरफ्तार किया है. यह युवक इस्लामिक स्टेट (ISIS) की विचारधारा से बुरी तरह प्रभावित था और नए साल की पूर्व संध्या पर ‘लोन वुल्फ’ अटैक (अकेले हमला) करने की फिराक में था. अमेरिकी न्याय विभाग ने पुष्टि की है कि यदि यह गिरफ्तारी नहीं होती, तो एक बड़ा नरसंहार हो सकता था.
एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल ने इस ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि स्टर्डिवेंट एक ग्रोसरी स्टोर और फास्ट-फूड रेस्टोरेंट में हथौड़े और चाकू से हमला करने वाला था. अधिकारियों ने एक अंडरकवर ऑपरेशन के जरिए उसे रंगे हाथों पकड़ा. एफबीआई के जाल में फंसकर उसने अपनी पूरी योजना का खुलासा कर दिया था.
साजिश, हथियार और गिरफ्तारी
क्रिश्चियन स्टर्डिवेंट की गिरफ्तारी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं थी. एफबीआई के अंडरकवर एजेंटों ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत उसे यह विश्वास दिलाया कि वे इस्लामिक स्टेट (ISIS) के सदस्य हैं. जिहादी विचारधारा के प्रभाव में आकर स्टर्डिवेंट ने न केवल उन एजेंटों पर भरोसा किया, बल्कि ISIS के प्रति अपनी वफादारी की कसम भी खा ली. उसने एजेंटों के सामने गर्व से खुद को ISIS का सिपाही बताया और खुलासा किया कि वह जल्द ही अमेरिका की धरती पर “जिहाद” शुरू करने वाला है.
डायरी में मिला पूरा प्लान
गिरफ्तारी के बाद जब एफबीआई ने स्टर्डिवेंट के घर पर छापा मारा, तो वहां का नजारा बेहद डरावना था. तलाशी के दौरान अधिकारियों को एक हाथ से लिखी डायरी मिली, जिसका शीर्षक था ‘New Years Attack 2026’. इस नोट में खून-खराबे का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार था. आरोपी की योजना मिंट हिल कस्बे के एक ग्रोसरी स्टोर में घुसकर वहां मौजूद करीब 20 लोगों को चाकू और हथौड़े से मारने की थी.
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इतना ही नहीं, उसने हमले के बाद मौके पर पहुंचने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी हमला करने की योजना बनाई थी. पुलिस ने उसके बेडरूम से हमले में इस्तेमाल होने वाले चाकू, हथौड़े और एक केवलर वेस्ट (बुलेटप्रूफ जैकेट जैसा सुरक्षा कवच) बरामद किया है, जिसे पहनकर वह खूनी खेल खेलने वाला था.
2022 से ही रडार पर था
हैरान करने वाली बात यह है कि यह पहली बार नहीं था जब क्रिश्चियन स्टर्डिवेंट सुरक्षा एजेंसियों की नजर में आया हो. एफबीआई 2022 से ही उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी, जब वह एक नाबालिग था. उस समय भी वह सोशल मीडिया के जरिए विदेश में बैठे एक अज्ञात ISIS आतंकी के संपर्क में था. चूंकि वह उस वक्त नाबालिग था, इसलिए उस पर कोई आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया गया, बल्कि उसे मनोवैज्ञानिक इलाज और काउंसलिंग दी गई. लेकिन कट्टरपंथ का जहर उसके दिमाग से नहीं निकला.
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