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‘सत्ता मिली तो आजम खान बनेंगे गृह मंत्री’ शिवपाल पर भड़के BJP सांसद बृजलाल ने क्यों कहा?

MP Brijlal on Shivpal Yadav: समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव के बयान पर बीजेपी सांसद बृजलाल ने तीखा हमला बोला है. उन्होंने सपा पर संभल हिंसा के मुकदमे वापस लेने, आजम खान को जेल से निकालने और आतंकवादियों के केस वापस लेने की तुष्टिकरण की राजनीति का गंभीर आरोप लगाया है.

MP Brijlal on Shivpal Yadav

MP Brijlal on Shivpal Yadav: लखनऊ/रवि कुमार: उत्तर प्रदेश की सियासत में ‘संभल हिंसा’ और आजम खान के मुद्दे पर एक बार फिर राजनीतिक पारा उबलने लगा है. समाजवादी पार्टी (SP) के दिग्गज नेता शिवपाल यादव के एक कथित बयान ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हमलावर होने का बड़ा मौका दे दिया है. पूर्व डीजीपी और वर्तमान में बीजेपी के राज्यसभा सांसद बृजलाल (Brijlal) ने शिवपाल यादव के बयान पर बेहद तीखा पलटवार करते हुए सपा पर कानून से खिलवाड़ और तुष्टिकरण की राजनीति करने का ‘बम’ फोड़ा है.

‘आजम खान को जेल से निकालकर बनाएंगे गृह मंत्री’ (Brijlal Target Shivpal Yadav)

बीजेपी सांसद बृजलाल ने दावा किया कि शिवपाल यादव कह रहे हैं कि अगर वे सत्ता में आए तो संभल हिंसा के सभी मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे. इतना ही नहीं, बृजलाल ने आरोप लगाया कि सपा नेताओं की तरफ से सजायाफ्ता आजम खान को जेल से निकालकर प्रदेश का गृह मंत्री बनाने तक की बात कही गई है. बृजलाल ने सपा की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनकी राजनीति में कानून से ऊपर हमेशा ‘व्यक्तिगत और पार्टी हित’ रहा है.

1978 का संभल दंगा और मुलायम सरकार का फैसला (Brijlal on Sambhal Violence)

सपा पर निशाना साधते हुए बृजलाल ने इतिहास के पन्ने भी पलट दिए. उन्होंने 1978 के भयंकर संभल दंगों का जिक्र करते हुए बड़ा दावा किया कि उस दंगे में 184 हिंदुओं की निर्मम हत्या हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि जब 1993 में मुलायम सिंह यादव की सरकार आई, तो उन्होंने उन दंगाइयों को बचाने के लिए सारे मुकदमे वापस ले लिए थे. इसी तर्ज पर आज 2024 की संभल हिंसा के मुकदमों को लेकर भी सपा वही पुराना खेल खेलना चाह रही है.

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अखिलेश सरकार के वो 14 आतंकी मुकदमे

सपा को ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ का मास्टर बताते हुए बृजलाल ने अखिलेश यादव की पूर्व सरकार पर भी गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने याद दिलाया कि कैसे अखिलेश सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान आतंकवाद से जुड़े 14 मामलों की चार्जशीट वापस लेने की खतरनाक कोशिश की थी, लेकिन तब माननीय कोर्ट ने इसकी अनुमति नहीं दी थी. बृजलाल ने साफ कहा कि समाजवादी पार्टी तुष्टिकरण और वोटबैंक के लिए किसी भी सीमा तक जा सकती है और वह हमेशा ‘कानून के राज’ से समझौता करती रही है. शिवपाल के बयान और बृजलाल के इस आक्रामक पलटवार ने यूपी के सियासी गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है.



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