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चंपत राय की जान को खतरा? खुफिया इनपुट के बाद ‘छावनी’ में तब्दील हुआ भवन

Champat Rai security: राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच पूर्व महासचिव चंपत राय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. खुफिया इनपुट के बाद अयोध्या के तीर्थ क्षेत्र भवन में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था सख्त कर दी गई है.

Champat Rai

Champat Rai security: अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले के बाद से पूर्व महासचिव चंपत राय (Champat Rai) लगातार सुर्खियों में हैं. पहले उन पर कई तरह के आरोप लगे, फिर उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने उसे स्वीकार भी कर लिया. हालांकि, पद छोड़ने के बावजूद विवादों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा है. अब तीर्थ क्षेत्र भवन में रह रहे चंपत राय के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है.

सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी मामले के बीच पूर्व महासचिव चंपत राय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. खुफिया विभाग से मिले इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियातन उनके सुरक्षा घेरे को मजबूत कर दिया है. वर्तमान में चंपत राय अयोध्या स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन में रह रहे हैं, जहां सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक सख्त कर दी गई है.

सूत्रों के मुताबिक खुफिया एजेंसियों ने चंपत राय पर संभावित खतरे की आशंका जताई है. इसी के मद्देनजर तीर्थ क्षेत्र भवन पर भी खुफिया विभाग की विशेष नजर रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं.

तीर्थ क्षेत्र भवन है ठिकाना

महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद से पूर्व महासचिव चंपत राय ने तीर्थ क्षेत्र भवन को अपना ठिकाना बना लिया है. उनके साथ मंदिर के पूर्व व्यवस्थापक गोपाल राव भी वहीं रह रहे हैं. वहीं, ट्रस्ट के सदस्य रहे डॉ. अनिल मिश्र अपने लक्ष्मणपुरी स्थित आवास पर एकांतवास में हैं. शेषावतार मंदिर के ध्वजारोहण के बाद से वह किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर नहीं आए हैं. गोपाल राव कभी-कभी मीडिया के सवालों का जवाब दे देते हैं, लेकिन चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र ने मीडिया से पूरी तरह दूरी बना रखी है.


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चंपत राय पहले कारसेवकपुरम स्थित भरतकुटी में रहते थे और वहीं से राम मंदिर के कार्यक्रमों व बैठकों में शामिल होने जाते थे. लेकिन चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद से उन्होंने रामजन्मभूमि परिसर के पास स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन में रहना शुरू कर दिया है.

-भारत एक्सप्रेस



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