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200 साल पुराने काली मंदिर को तोड़ते वक्त बड़ा हादसा, मलबे में दबे संविदाकर्मी की मौत

Chandauli Temple Accident: चंदौली के मुगलसराय में जीटी रोड चौड़ीकरण के दौरान 200 साल पुराने काली मंदिर का गुंबद गिरने से PWD के संविदाकर्मी बलदेव यादव की मौत हो गई. हादसे में एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है, जबकि घटना के बाद ध्वस्तीकरण कार्य में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.

Chandauli Temple Accident

Chandauli Temple Accident

Chandauli Temple Accident: चंदौली हादसा/ अविनाश: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के मुगलसराय में जीटी रोड चौड़ीकरण परियोजना के दौरान शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा हो गया. लगभग 200 वर्ष पुराने काली माता मंदिर के ध्वस्तीकरण के समय मंदिर का गुंबद अचानक भरभराकर गिर पड़ा. मलबे की चपेट में आने से लोक निर्माण विभाग (PWD) के संविदाकर्मी बलदेव यादव (58) गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे में एक अन्य व्यक्ति के भी घायल होने की सूचना है. इस घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

मलबे में दबे कर्मी को निकालने में लगी मशक्कत

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जेसीबी से मंदिर तोड़ने का काम चल रहा था. इसी दौरान गुंबद अचानक ढह गया और बलदेव यादव मलबे के नीचे दब गए. मौके पर मौजूद लोगों और कर्मचारियों ने काफी प्रयास के बाद उन्हें बाहर निकाला. गंभीर हालत में उन्हें राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. हादसे में घायल दूसरे व्यक्ति का उपचार जारी है.

दो दिन पहले ही हटाई गई थीं मां काली की प्रतिमाएं

जानकारी के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण परियोजना के कारण मंदिर को हटाने का फैसला लिया गया था. ध्वस्तीकरण से दो दिन पहले स्थानीय लोगों और पुजारियों की मौजूदगी में मां काली की प्रतिमाओं को पूरे विधि-विधान के साथ दूसरे मंदिर में स्थापित कर दिया गया था. इसके बाद प्रशासन की निगरानी में मंदिर को तोड़ने का काम शुरू किया गया.

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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

हादसे के बाद ध्वस्तीकरण कार्य में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने पुराने और जर्जर ढांचे को गिराते समय अतिरिक्त सावधानी बरती जानी चाहिए थी. विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस तरह के निर्माण या ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरण, बैरिकेडिंग और जोखिम का पहले से आकलन करना जरूरी होता है.

प्रशासन ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली. हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं, इस दर्दनाक घटना के बाद मृतक के परिजनों में शोक का माहौल है और स्थानीय लोग भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं.

भारत एक्सप्रेस



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