उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने कांग्रेस सरकार की मनरेगा योजना को भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा करार दिया है. उन्होंने कहा कि यह योजना भ्रष्टाचार करने वालों की सबसे पसंदीदा बन गई थी. एक ही तालाब को बार-बार खुदवाकर पैसे की बंदरबांट होती थी. गांव के लोगों को घर के पास रोजगार नहीं मिलता था, इसलिए उन्हें बाहर जाना पड़ता था. बुवाई और कटाई के समय किसानों को मजदूर नहीं मिलते थे.
डॉ. शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार में मनरेगा योजना अपने उद्देश्य को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही. इस योजना में पैसे की हेराफेरी होती रही, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नजर नहीं आता था. पिछली सरकारों में इस योजना की निगरानी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी. इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला और गरीबों तक मदद नहीं पहुंची.
मोदी सरकार लाई नई जी राम जी योजना
डॉ. दिनेश शर्मा ने मोदी सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े बदलाव के लिए सुव्यवस्थित वीबी-जी राम जी योजना लेकर आई है. यह योजना विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) का हिस्सा है, जो मनरेगा की जगह लेने वाली है. हाल ही में संसद में पेश किए गए वीबी-जी राम जी बिल का उद्देश्य ग्रामीण भारत को मजबूत बनाना है. यह योजना भ्रष्टाचार को खत्म करने और श्रमिकों को अधिक रोजगार देने पर जोर देती है. जहां मनरेगा में 100 दिन का रोजगार मिलता था, वहीं जी राम जी योजना में 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया गया है. इससे श्रमिकों को सालाना अतिरिक्त कमाई होगी. डॉ. शर्मा ने कहा कि यह योजना डिजिटल तरीके से काम करेगी, जिससे पैसे सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंचेंगे और भ्रष्टाचार रुकेगा.
जनजागरण अभियान में किसानों से बातचीत
यह बातें डॉ. दिनेश शर्मा ने जी राम जी बिल जनजागरण अभियान के तहत लखनऊ के बख्शी तालाब विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कृषक श्रमिक चौपाल में कही. कार्यक्रम सिकंदरपुर खुर्द और बगुलहा ग्राम में हुआ. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है. इसमें किसान और गांव के लोग आत्मनिर्भर बनेंगे. जी राम जी योजना गांवों को खुशहाल बनाने की कुंजी है.
डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि पिछले एक दशक में देश और प्रदेश में बड़ा बदलाव आया है. 2014 से पहले गांवों में अव्यवस्था थी. कच्चे रास्ते, बल्लियों पर लटकते बिजली के तार और जगह-जगह भरा पानी लोगों का जीना मुश्किल बनाता था. लेकिन अब मोदी और योगी सरकार में गांवों में शहर जैसी सुविधाएं हैं. पक्की सड़कें, खंभों पर व्यवस्थित बिजली के तार, सफाई की अच्छी व्यवस्था और 20 से 24 घंटे बिजली की सप्लाई हो रही है. यह बदलाव किसी चमत्कार से कम नहीं है.
पूर्व सरकारों की नाकामी पर उठाया सवाल
डॉ. दिनेश शर्मा ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे किसानों को सिर्फ नारों में उलझाती रहीं. इंदिरा गांधी ने गरीबी हटाओ का नारा दिया, लेकिन उस समय गरीब और गरीब हो गया. कांग्रेस के समय में अगर सरकार 100 रुपये भेजती थी, तो सिर्फ 15 रुपये लाभार्थी तक पहुंचते थे. बाकी पैसा भ्रष्टाचार में चला जाता था. लेकिन मोदी सरकार में पूरा पैसा सीधे खाते में जाता है. कोई भ्रष्टाचार नहीं होता. सरकार गरीबों के लिए मुफ्त आवास बना रही है और पक्की सड़कें दे रही है. पहले गांवों में बिजली के खंभे लगवाकर लोगों को झांसा दिया जाता था. बिजली कनेक्शन के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे. लेकिन अब बिजली विभाग के अधिकारी खुद गरीबों के घर जाकर कनेक्शन देते हैं. पहले बिजली का आना खबर होती थी, अब बिजली का जाना खबर बनती है. गांवों में कूलर, पंखे और एसी चल रहे हैं. मोदी सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है.
गरीबों के जीवन स्तर में आ रहा अब सुधार
डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों को अपनाया है. सबका साथ, सबका विकास और सबके लिए प्रयास सरकार का मंत्र है. सबसे पहले गरीबों के लिए बैंक के दरवाजे खोले गए और जन धन खाते खुलवाए गए. अब गांवों में सर्वांगीण विकास हो रहा है. पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होंने जी राम जी योजना को किसानों के लिए अमृत कुंभ जैसा उपयोगी बताया. उन्होंने कहा कि इससे गांवों का पूरा विकास संभव होगा.
कार्यक्रम में मौजूद रहे ये प्रमुख नेता
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष विजय मौर्य, प्रदेश मंत्री किसान मोर्चा राम निवास यादव, जिला उपाध्यक्ष रवि प्रकाश तिवारी, जिला उपाध्यक्ष अरविंद यादव, जिला मीडिया प्रभारी विवेक सिंह, जिलाध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा कामता प्रसाद, मंडल अध्यक्ष चिनहट अक्षय मौर्य, पूर्व मंडल अध्यक्ष सुनील सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेश मिश्रा लल्लू और कार्यक्रम संयोजक राम सजीवन निषाद समेत कई नेता उपस्थित रहे. यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में नई योजना के फायदों को लोगों तक पहुंचाने का हिस्सा था. विपक्षी दलों ने जी राम जी बिल पर सवाल उठाए हैं, लेकिन सरकार का कहना है कि यह मनरेगा की कमियों को दूर कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगा. कुल मिलाकर, डॉ. शर्मा का भाषण मोदी सरकार की उपलब्धियों पर केंद्रित था और कांग्रेस की पुरानी योजनाओं की आलोचना करता था.
यह भी पढ़ें: धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल! 120 सवालों में उलझा डॉक्टर रमीज, नशे की हालत में करता था ‘गंदी बात’
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



